Gaza में इसराइली गोलीबारी और हमलों का दौर जारी, 28 अगस्त को कई लोगों की हुई मौत और कई घायल.

गाजा पट्टी में इसराइली सेना की कार्रवाई लगातार जारी है और आम लोगों को इसका भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। ताजा मामलों में 28 अगस्त 2026 को दीर अल-बलाह के पूर्व में इसराइली गोलीबारी के कारण एक फिलिस्तीनी नागरिक गंभीर रूप से घायल हो गया। अल-अक्सा शहादत अस्पताल के मेडिकल स्टाफ ने इस बात की पुष्टि की है कि पीड़ित की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। इस घटना के अलावा गुरुवार को गाजा के अलग-अलग इलाकों में हुए हमलों में कम से कम तीन अन्य लोगों की भी जान चली गई, जिसकी पुष्टि गाजा के स्वास्थ्य अधिकारियों ने की है।
विभिन्न इलाकों में हुए ड्रोन हमले और मौतें
मेडिकल और सुरक्षा सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, 28 अगस्त को पूरे इलाके में अलग-अलग हमलों में तीन फिलिस्तीनी मारे गए। पश्चिम गाजा सिटी में साइकिल चला रहे एक व्यक्ति पर ड्रोन से हमला किया गया जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इसके अलावा, शाती शरणार्थी शिविर में एक रिहायशी इमारत की छत पर ड्रोन गिराया गया जिसमें एक और व्यक्ति की जान चली गई। खान यूनिस में विस्थापित लोगों के तंबू को निशाना बनाकर किए गए हवाई हमले में एक और व्यक्ति मारा गया। इसके साथ ही करारा और बीच शरणार्थी शिविर के पास भी कई लोगों के हताहत होने की खबर सामने आई है।
दीर अल-बलाह में पहले भी हो चुके हैं बड़े हमले
यह हालिया हिंसा दीर अल-बलाह और उसके आसपास के इलाकों में पहले से चल रहे हमलों के बाद और बढ़ गई है। पिछले कुछ दिनों में इसराइली हमलों में एक ही परिवार के आठ सदस्य मारे गए थे और 26 अगस्त को एक खाद्य सहायता गोदाम को भी भारी नुकसान पहुंचा था। इसके अलावा 24 अगस्त को अल-अक्सा शहादत अस्पताल के पास हुए एक हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, जिसके बाद अस्पताल प्रशासन ने ऑक्सीजन की भारी कमी होने की चेतावनी दी थी। वहीं 23 अगस्त को जवाइदा और दीर अल-बलाह में हुए हमलों में चार साल के एक बच्चे और आठ साल के एक बच्चे सहित कई लोगों की मौत हो गई थी और अस्पताल का मेडिकल उपकरण डिपो भी क्षतिग्रस्त हो गया था।
सीजफायर के बावजूद जारी है संघर्ष
अक्टूबर 2025 में अमेरिका समर्थित युद्धविराम समझौता होने के बावजूद जमीन पर हालात में कोई खास सुधार नहीं हुआ है और सैन्य अभियान लगातार जारी हैं। हमास ने इसराइल पर समझौते का उल्लंघन करने और शांति प्रयासों को विफल करने का आरोप लगाया है। दूसरी ओर, इसराइली अधिकारियों का कहना है कि उनकी कार्रवाई उन आतंकवादियों के खिलाफ है जो आम नागरिकों की आड़ में छिपे हुए हैं। इसराइली सेना ने 28 अगस्त की घटनाओं पर तत्काल कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। इस पूरे संघर्ष के दौरान अनुमानित 1,700 फिलिस्तीनी शव इसराइली हिरासत में हैं, जिसके चलते फिलिस्तीनी कैबिनेट ने शहीदों के शवों की वापसी के लिए प्रयास तेज करने के वास्ते 27 अगस्त को राष्ट्रीय दिवस के रूप में घोषित किया था।