गाजा में इजरायली हमलों से बिगड़े हालात, छह साल के बच्चे समेत दो फिलिस्तीनियों की हुई मौत

गाजा पट्टी में इजरायली सैन्य अभियानों की वजह से हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं और आम लोगों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। हाल ही में हुए हमलों में एक छह साल के बच्चे समेत दो फिलिस्तीनियों की जान चली गई है, जिससे वहां के स्थानीय लोगों में काफी दुख और गुस्सा देखा जा रहा है। चिकित्सा सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक गाजा में हिंसा का यह दौर लगातार जारी है जिससे आम नागरिकों की सुरक्षा पर बड़ा खतरा मंडरा रहा है।
हमलों में मासूमों की जान
उत्तरी गाजा पट्टी के जरका इलाके में कुछ हफ्ते पहले इजरायली बलों की गोलीबारी में घायल हुआ छह साल का बच्चा दाoud मुकाता जिंदगी की जंग हार गया और 7 सितंबर 2026 को उसकी मौत हो गई। इसके अलावा गाजा शहर के रिमाल इलाके में कम्युनिकेशंस चौराहे के पास इजरायली एयरस्ट्राइक में घायल हुए एक अन्य युवक सुब्ही अल-बत्रिकी ने भी 7 सितंबर को दम तोड़ दिया। इसी दिन गाजा शहर के तट पर इजरायली गनबोट्स की गोलीबारी से दो मछुआरे भी गंभीर रूप से घायल हो गए।
हिंसा का पुराना और भयानक इतिहास
यह हालिया मौतें 6 सितंबर 2026 को हुई भारी हिंसा के बाद सामने आई हैं, जब एक ही दिन में कम से कम चार लोगों की जान चली गई थी। पश्चिमी गाजा शहर में एक कार पर हुए हमले में आठ साल की बच्ची वफा और उसके पिता युसूफ अकीला की मौत हो गई थी। इसके अलावा विस्थापितों के लिए बने एक स्कूल पर इजरायली टैंक के गोले से सात साल की बच्ची की जान चली गई थी, और अल-नस्र इलाके में हुए ड्रोन हमले में दो अन्य लोग मारे गए थे। गाजा पट्टी के चिकित्सा स्रोतों के अनुसार 7 अक्टूबर 2023 से शुरू हुए इस इजरायली सैन्य अभियान में मरने वालों की कुल संख्या बढ़कर 73,651 हो गई है, जबकि 174,592 लोग घायल हुए हैं। इसके साथ ही 11 अक्टूबर 2025 के समझौते के बाद से मरने वाले फिलिस्तीनियों की कुल संख्या 1,344 तक पहुंच गई है, जिसमें 4,481 घायल और 826 शव बरामद किए गए हैं।
कूटनीतिक बैठकें और कड़े कदम
इस बीच कूटनीतिक स्तर पर भी कई बड़ी गतिविधियां देखने को मिल रही हैं। 7 सितंबर 2026 को मिस्र के विदेश मंत्री बद्र अब्देलती ने संयुक्त राष्ट्र राहत एवं कार्य एजेंसी (UNRWA) के कार्यवाहक कमिश्नर-जनरल क्रिश्चियन साउर्स से मुलाकात की। इस बैठक के दौरान उन्होंने UNRWA परिसरों पर लगातार हो रहे हमलों की कड़ी निंदा की और मानवीय सहायता की निरंतर आपूर्ति की मांग उठाई। इस पूरी स्थिति और आधिकारिक बयानों के बारे में अधिक जानकारी के लिए आप SIS की आधिकारिक वेबसाइट पर जा सकते हैं। दूसरी ओर अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय में जर्मनी और निकारागुआ के बीच इजरायल को हथियारों की आपूर्ति को लेकर कानूनी जंग भी जारी है।