Gaza Crisis: खान यूनिस में इसराइली सेना का भारी विध्वंस, गाजा में 66 प्रतिशत इमारतें और घर हुए तबाह.

गाजा पट्टी के दक्षिणी हिस्से में इसराइली सैन्य बलों ने भारी विध्वंस अभियान शुरू किया है, जिससे इलाके में तनाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है। Al Jazeera की रिपोर्ट के मुताबिक, इसराइली सेना ने 4 सितंबर 2026 को खान यूनिस के पूर्वी इलाकों में बड़े पैमाने पर इमारतों को तोड़ना शुरू कर दिया है। शहर के पूर्वी हिस्से में सैन्य गाड़ियों द्वारा भारी मशीन गन से फायरिंग की गई और जिन जगहों को निशाना बनाया गया, वहां से आसमान में धुएं के गुबार उठते हुए देखे गए। इसी दिन खान यूनिस के उत्तर में हुई एक अलग घटना में इसराइली गोलीबारी के कारण एक फिलिस्तीनी नागरिक की मौत हो गई और तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इस पूरे घटनाक्रम ने आम लोगों की जिंदगी को बहुत मुश्किल बना दिया है और हर तरफ डर का माहौल बना हुआ है।
वेस्ट बैंक में भी जारी है सैन्य कार्रवाई
फिलिस्तीनी क्षेत्रों में इसराइली सेना की गतिविधियां सिर्फ गाजा तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वेस्ट बैंक में भी लगातार ऐसी कार्रवाई देखने को मिल रही है। इसराइली कब्जा अधिकारियों ने जेनिन के पास अरबा इलाके में रह रहे रह्हाल परिवार के चार घरों को तोड़ने और वहां निर्माण कार्य रोकने का औपचारिक आदेश जारी किया है। ये घर एमेक डोतान बस्ती के पास स्थित हैं और प्रभावित मकान मालिकों को अपनी आपत्तियां दर्ज कराने के लिए सिर्फ 15 दिन का समय दिया गया है। इसके अलावा जेनिन के पास अरना गांव के पास की संरचनाओं को भी ऐसे ही नोटिस थमाए गए हैं। इन कार्रवाइयों के बीच इसराइली बलों ने अल-मुघय्यिर गांव के मुख्य रास्ते को भी पूरी तरह से बंद कर दिया है, जिससे वहां रहने वाले स्थानीय लोगों का आना-जाना पूरी तरह से रुक गया है और वे अपने ही इलाके में फंस गए हैं।
यूएन रिपोर्ट में हुआ बड़ा खुलासा
संयुक्त राष्ट्र के उपग्रह केंद्र यानी UNOSAT से मिले आंकड़ों के मुताबिक, गाजा में लगभग 66 प्रतिशत सभी संरचनाओं को भारी नुकसान पहुंचा है। कुल मिलाकर 163,778 इमारतें इस तबाही की चपेट में आई हैं, जिनमें से 52,564 इमारतें पूरी तरह से जमींदोज हो चुकी हैं और 18,913 इमारतें बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हुई हैं। इसके साथ ही, संयुक्त राष्ट्र के मानवीय मामलों के समन्वय कार्यालय यानी OCHA की रिपोर्ट बताती है कि गाजा में रहने के लिए बने घरों में से 92 प्रतिशत यानी 436,000 में से 160,000 घर या तो पूरी तरह तबाह हो गए हैं या उन्हें बड़ा नुकसान पहुंचा है। इन सभी मामलों की पूरी जानकारी आप ReliefWeb Report पर जाकर देख सकते हैं। एमनेस्टी इंटरनेशनल ने इन तमाम कार्रवाइयों को अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून और चौथे जिनेवा कन्वेंशन के नियमों का उल्लंघन बताया है।
जेनिन शरणार्थी शिविर में लंबे समय से जारी है संघर्ष
क्षेत्रीय स्तर पर तनाव लगातार बहुत ऊंचे स्तर पर बना हुआ है क्योंकि जेनिन शरणार्थी शिविर में इसराइली सैन्य अभियान को पूरे 592 दिन लगातार हो चुके हैं। जेनिन में चल रहे इस लंबे सैन्य अभियान के कारण अब तक 600 से ज्यादा इमारतें पूरी तरह से नष्ट हो चुकी हैं और वहां लगभग 30 मिलियन डॉलर यानी तीस मिलियन अमेरिकी डॉलर का सीधा आर्थिक नुकसान हुआ है। इसके अतिरिक्त, संयुक्त राष्ट्र की एक अन्य रिपोर्ट जो 31 अगस्त 2026 को जारी की गई थी, उसके अनुसार साल 2024 की शुरुआत से लेकर अब तक वेस्ट बैंक में 870 से अधिक आवासीय, कृषि और औद्योगिक इमारतों को तोड़ा जा चुका है। इन लगातार हो रही तोड़फोड़ की वजह से 1,000 से अधिक फिलिस्तीनी नागरिकों को अपना घर छोड़कर दूसरी जगहों पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा है।