Gaza News: गाजा सिटी में हुआ सामूहिक अंतिम संस्कार, मलबे से निकाले गए 100 फलस्तीनियों के शव.

गाजा सिटी में रविवार, 6 सितंबर 2026 को एक बड़ा और दर्दनाक सामूहिक अंतिम संस्कार आयोजित किया गया। इस दौरान मलबे के नीचे से बरामद किए गए 100 फलस्तीनियों को नम आंखों से सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस दुखद हादसे में जान गंवाने वालों में लगभग 70 बच्चे भी शामिल थे। ये सभी शव अल-जैतून इलाके में तबाह हुए घरों के मलबे से निकाले गए थे, जहां अक्टूबर 2023 में शुरू हुए इजरायली सैन्य अभियानों के बाद से कई लोग दबे हुए थे। इस सामूहिक अंतिम संस्कार की प्रक्रिया इमाम अल-शफीई मस्जिद से शुरू हुई और अल-अहली अरब अस्पताल के पास स्थित शहीदों के कब्रिस्तान पर जाकर समाप्त हुई, जहां कई परिवारों के लिए सामूहिक कब्रें तैयार की गई थीं।
मलबे में दबे हैं हजारों लोग
अल-जैतून इलाके में चलाए गए इस शव निकासी अभियान को गाजा के सिविल डिफेंस दलों द्वारा अंतरराष्ट्रीय रेड क्रॉस समिति (ICRC) की मदद से पूरा किया गया। यह राहत अभियान 'रिकवरी ऑफ मार्टियर्स बॉडीज' प्रोजेक्ट के दूसरे चरण का हिस्सा है। इस प्रोजेक्ट का मुख्य उद्देश्य गाजा सिटी के साथ-साथ उत्तरी और मध्य गाजा पट्टी में नष्ट हुए 147 घरों के मलबे के नीचे फंसे अनुमानित 1,072 लोगों के शवों को ढूंढना है। सिविल डिफेंस के अधिकारी कर्नल मोहम्मद अबू दान ने इस राहत कार्य के दौरान आने वाली भारी परेशानियों का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि भारी मशीनरी और जरूरी उपकरणों की भारी कमी है, क्योंकि इजरायल ने इन चीजों के इलाके में आने पर पाबंदी लगा रखी है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों से तुरंत मदद की गुहार लगाई है ताकि राहत कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाया जा सके।
मानवीय संकट और आधिकारिक आंकड़े
गाजा के गवर्नमेंट मीडिया ऑफिस के प्रमुख सालामा मारूफ ने जानकारी दी कि तबाह हो चुकी इमारतों के नीचे अभी भी 12,000 से अधिक शव दबे हुए हैं। इस स्थिति को उन्होंने एक अभूतपूर्व मानवीय आपदा करार दिया है। मीडिया ऑफिस ने चेतावनी दी थी कि आने वाले दिनों में क्षेत्र में और भी कई शव मलबे से निकल सकते हैं। इस बीच, अधिकृत फलस्तीनी क्षेत्रों में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार कार्यालय के प्रमुख अजिथ सुंघाई ने इस घटना को चल रहे संघर्ष की क्रूरता का एक बड़ा और दुखद उदाहरण बताया। गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर 2023 से लेकर अब तक इस संघर्ष में कम से कम 73,651 फलस्तीनी मारे जा चुके हैं और 174,592 लोग घायल हुए हैं।