गाजा में सर्दी से पहले बड़ी तबाही का खतरा, विस्थापित परिवारों को बचाने के लिए अंतरराष्ट्रीय मदद की उठी मांग

Sushma Kumari9 September 20262 min read25 viewsWorld
गाजा में सर्दी से पहले बड़ी तबाही का खतरा, विस्थापित परिवारों को बचाने के लिए अंतरराष्ट्रीय मदद की उठी मांग

गाजा के सरकारी मीडिया कार्यालय के प्रमुख Ismail al-Thawabta ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से एक बड़ी अपील की है। उन्होंने कहा है कि ठंड का मौसम नजदीक आ रहा है और ऐसे में विस्थापित परिवारों की सुरक्षा के लिए तुरंत ठोस कदम उठाने की सख्त जरूरत है। गाजा पट्टी के हालात दिन-प्रतिदिन बहुत खराब होते जा रहे हैं, जिसे सुधारने के लिए एक स्पष्ट और मजबूत योजना की बेहद आवश्यकता है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए आम लोगों की मुसीबतें काफी बढ़ गई हैं और वहां रह रहे नागरिकों के लिए आने वाले दिन काफी कठिन साबित हो सकते हैं।

विस्थापितों की भारी संख्या और यूएन की चेतावनी

इस अपील के पीछे गाजा की मौजूदा दयनीय स्थिति है, जहां की कुल आबादी का 90 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सा अपने घरों को छोड़कर दूसरी जगह रहने को मजबूर है। संयुक्त राष्ट्र के मानवता मामलों के प्रमुख Tom Fletcher ने 8 सितंबर 2026 को यह चेतावनी दी थी कि आने वाले दिनों में एक बड़ा मानवीय संकट पैदा हो सकता है। वहां बने शेल्टर होम बहुत ज्यादा भीड़भाड़ वाले और बेहद खराब हालत में हैं, जिनमें बारिश का पानी भरने का बड़ा खतरा मंडरा रहा है। संयुक्त राष्ट्र की फिलिस्तीनी अधिकार समिति के आंकड़ों के अनुसार, गाजा की लगभग 98 प्रतिशत यानी करीब 1.98 मिलियन आबादी को तुरंत रहने के लिए छत या घरेलू सामान की सख्त जरूरत है। इसके अलावा, गाजा की 82 प्रतिशत से ज्यादा इमारतें इस संघर्ष में क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं।

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सर्दी का मौसम और स्वास्थ्य से जुड़ी बड़ी चिंताएं

पिछले साल यानी 2025 के सर्दी के मौसम में गाजा के 70 प्रतिशत से ज्यादा परिवारों को बार-बार बाढ़ और जलभराव की समस्या का सामना करना पड़ा था। इस बार भी मौसम बदलने के साथ वही पुराना डर सता रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO की रिपोर्ट के मुताबिक, जनवरी से अगस्त 2026 के बीच गाजा में दस्त और पेट की गंभीर बीमारियों के मामले लगभग दोगुने हो चुके हैं। इसके साथ ही पानी में गंदगी और बैक्टीरिया का स्तर 6 प्रतिशत से बढ़कर 18 प्रतिशत से भी ज्यादा हो गया है, जो आम लोगों की सेहत के लिए बहुत बड़ा खतरा बन गया है।

राहत कार्यों में आ रही बाधाएं

अंतरराष्ट्रीय संगठन जैसे International Organization for Migration (IOM) और अन्य स्थानीय साझेदार मिलकर लोगों तक साफ पानी, स्वच्छता और जरूरी सामान पहुंचाने की लगातार कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, काम करने के दौरान कई तरह की पाबंदियां और लंबी प्रशासनिक प्रक्रियाओं के कारण राहत कार्यों की रफ्तार काफी धीमी पड़ गई है। इसके बावजूद IOM अपने कॉमन पाइपलाइन प्रोग्राम के जरिए 20 से ज्यादा स्थानीय संगठनों का समर्थन कर रहा है। संयुक्त राष्ट्र के शेल्टर क्लस्टर ने फरवरी 2026 में करीब 5,500 परिवारों तक आपातकालीन सामान पहुंचाया था, लेकिन सैन्य गतिविधियों और रास्तों पर रोक के कारण मदद का यह दायरा अभी भी बहुत सीमित है। इस पूरी स्थिति की अधिक जानकारी के लिए आप IOM Gaza Response पर जा सकते हैं।

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