गाजा के पुनर्निर्माण के लिए 7 अरब डॉलर की मदद कन्फर्म, कतर और सऊदी अरब ने दिए 1-1 अरब डॉलर.

गाजा पट्टी के पुनर्निर्माण को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है जहां Board of Peace के उच्च प्रतिनिधि Nickolay Mladenov ने 28 अगस्त 2026 को अल जज़ीरा को यह कन्फर्म किया है कि गाजा के लिए 7 अरब डॉलर का फंड जुटा लिया गया है। इस राहत पैकेज में कई देश मिलकर मदद कर रहे हैं और इस पूरे काम की देखरेख वही बोर्ड कर रहा है जिसे अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने इस साल फरवरी में शुरू किया था। आम लोगों और वहां रहने वाले प्रवासियों के लिए यह जानकारी बहुत जरूरी है क्योंकि इस इलाके में हालात लंबे समय से काफी मुश्किल बने हुए हैं और हर कोई शांति की उम्मीद कर रहा है।
कौन-कौन से देश दे रहे हैं पैसा और क्या है पूरी योजना
इस बड़े राहत पैकेज में हिस्सा लेने वाले देशों में Kazakhstan, Azerbaijan, UAE, Morocco, Bahrain, Qatar, Saudi Arabia, Uzbekistan और Kuwait शामिल हैं। इन सभी देशों ने मिलकर गाजा को फिर से बसाने का बीड़ा उठाया है जिसमें अकेले Qatar, Saudi Arabia और Kuwait ने 1-1 अरब डॉलर देने का बड़ा ऐलान किया है। हालांकि इतने बड़े स्तर पर पैसों का इंतजाम होने के बाद भी इस काम में कई तरह की बड़ी रुकावटें आ रही हैं जो पैसे के लेन-देन और वहां की राजनीति से जुड़ी हुई हैं।
पैसे ट्रांसफर करने में आ रही हैं बड़ी मुश्किलें
इस पूरी मदद के ऐलान के बाद भी जमीनी स्तर पर काम शुरू होने में कई अड़चनें सामने आ रही हैं। इसराइल का साफ कहना है कि जब तक गाजा को पूरी तरह से हथियार मुक्त नहीं किया जाता और हमास अपने हथियार नहीं डाल देता, तब तक वहां कोई भी पुनर्निर्माण का काम शुरू नहीं किया जाएगा। इसके अलावा पैसों को लेकर भी कुछ अजीब बातें सामने आई हैं। योजना के मुताबिक इस ऑफिशियल फंड को मैनेज करने की जिम्मेदारी World Bank को दी गई थी, लेकिन मई 2026 तक की रिपोर्ट बताती है कि उस खाते में एक भी रुपया नहीं पहुंचा था और कुछ पैसे कथित तौर पर एक अलग JPMorgan खाते के जरिए भेजे गए थे।
अमेरिका की तरफ से मिलने वाली मदद का हाल
पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump ने इस मदद के अलावा अमेरिका की तरफ से 10 अरब डॉलर का अतिरिक्त फंड देने का भी वादा किया था। लेकिन मई 2026 तक यह पैसा भी लाभार्थियों तक नहीं पहुंच पाया था और यह साफ नहीं हो पाया है कि इसके लिए अमेरिकी संसद से मंजूरी मिली है या नहीं। इसके अलावा 30 जुलाई 2026 को अमेरिकी विदेश विभाग ने संसद को एक शांति योजना के तहत बनने वाली इंटरनेशनल स्टेबिलाइजेशन फोर्स के लिए वित्तीय सहायता के बारे में जानकारी दी थी। वहां हालात अभी भी बहुत तनावपूर्ण बने हुए हैं और बातचीत करने वाले नेताओं ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया तो हालात उस मोड़ पर पहुंच जाएंगे जहां से वापस लौटना नामुमकिन हो जाएगा।