Gaza Crisis: इसराइल के नए हमलों में 9 लोगों की मौत, स्वास्थ्य और कृषि व्यवस्था पूरी तरह ठप.

गाजा पट्टी में इसराइल के लगातार हमलों से हालात बेहद खराब हो गए हैं और पिछले 48 घंटों में हुए हमलों में 9 फिलिस्तीनी मारे गए हैं जबकि 18 लोग घायल हुए हैं। अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, 10 अक्टूबर 2025 से लागू हुआ युद्धविराम कमजोर साबित हो रहा है और गाजा स्वास्थ्य मंत्रालय ने शनिवार 29 अगस्त 2026 को यह जानकारी दी कि इस संघर्ष में मरने वालों की कुल संख्या 73,449 तक पहुंच गई है। इस संघर्ष के बीच आम लोगों का जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है और बुनियादी सुविधाओं का भारी संकट खड़ा हो गया है।
स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह ध्वस्त
गाजा में स्वास्थ्य ढांचा पूरी तरह से चरमरा गया है और 23 अगस्त 2026 तक की रिपोर्ट के मुताबिक 35 से अधिक ऑक्सीजन सुविधाओं में से केवल 12 से कम चालू हालत में हैं, जो अपनी क्षमता के 50 प्रतिशत से भी कम पर काम कर रही हैं। दवाइयों, जरूरी मेडिकल स्टाफ और ईंधन की भारी कमी के कारण राहत कार्यों में बहुत मुश्किलें आ रही हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO ने हाल ही में राफा और केरेम शालोम क्रॉसिंग के जरिए 106 मरीजों को बाहर निकाला, जिनमें 19 बच्चे शामिल थे, लेकिन अभी भी हजारों लोग इलाज के लिए तरस रहे हैं। इस बारे में अधिक जानकारी आप ReliefWeb Report पर देख सकते हैं।
बच्चों और अस्पतालों पर हमले
हालिया हिंसा के दौरान शनिवार 29 अगस्त को अल-अक्सा शहादा अस्पताल के पास एक मेडिकल गोदाम को निशाना बनाया गया, जिससे तीन लोग घायल हो गए। इसके अलावा शुक्रवार 28 अगस्त को गाजा और वेस्ट बैंक में हुए हमलों में आठ लोग मारे गए, जिनमें खान यूनिस के पास एक ही परिवार के तीन सदस्य शामिल थे। यूनिसेफ की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले पांच दिनों में इस्राइली हमलों में दो से सोलह साल की उम्र के चार बच्चों की जान चली गई है, जबकि आठ से सत्रह साल के नौ अन्य बच्चे गंभीर रूप से घायल हुए हैं। ब्रिटेन सरकार ने भी शुक्रवार को गाजा युद्धविराम समन्वय केंद्र से ब्रिटिश अधिकारियों को हटाने की संभावना पर चेतावनी दी है और कहा है कि ऐसा होने से शांति योजना को बड़ा झटका लगेगा।
खेती और कृषि क्षेत्र को भारी नुकसान
गाजा का कृषि क्षेत्र भी पूरी तरह बर्बाद हो चुका है और संयुक्त राष्ट्र के खाद्य एवं कृषि संगठन तथा UNOSAT की रिपोर्ट बताती है कि अब केवल 3 प्रतिशत यानी 448 हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि ही बची है। 'येलो लाइन' सीमा की वजह से डेर अल-बalah और खान यूनिस के किसानों को अपनी जमीन तक जाने की अनुमति नहीं मिल रही है, जिससे 3,600 हेक्टेयर अतिरिक्त फसल वाली जमीन खेती के लायक नहीं बची है। इस्राइली सेना की तरफ से लगातार गोलीबारी के खतरे के बावजूद विस्थापित परिवार मलबे और पानी की भारी कमी के बीच अपनी जमीन को फिर से ठीक करने की कोशिश कर रहे हैं लेकिन जरूरी चीजें न मिलने के कारण वे लाचार हैं।