Gulf देशों पर ईरान का बड़ा हमला, Jordan और UAE में मिसाइल और ड्रोन गिरने से मचा हड़कंप.

खाड़ी देशों की सुरक्षा को लेकर इस वक्त एक बहुत बड़ी और तनावपूर्ण खबर सामने आ रही है जहाँ Gulf Cooperation Council (GCC) ने ईरान की तरफ से किए गए सैन्य हमलों की कड़ी निंदा की है। 31 अगस्त 2026 को जारी किए गए आधिकारिक बयान में इन हमलों को बहुत खतरनाक और क्षेत्र की शांति के खिलाफ बताया गया है। इस पूरे घटनाक्रम के बाद से खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और खासकर काम के सिलसिले में वहां मौजूद लोगों के बीच चिंता का माहौल बन गया है, हालांकि सभी स्थानीय सरकारें स्थिति पर पूरी नजर बनाए हुए हैं और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
Jordan और UAE पर हुआ हमला
ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC ने अपने एक बयान में कहा कि उन्होंने एक सैन्य अभियान के तहत जॉर्डन के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। जॉर्डन की सेना ने जानकारी दी कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने सुबह-सुबह देश के हवाई क्षेत्र में घुसने वाली आठ बैलिस्टिक मिसाइलों को सफलता के साथ हवा में ही रोक लिया। गनीमत यह रही कि इस हमले में किसी भी तरह के जानमाल के नुकसान की कोई खबर सामने नहीं आई है। वहीं दूसरी और यूएई के विदेश मंत्रालय ने भी अपने देश के जलक्षेत्र में आए ड्रोन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानूनों और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का खुला उल्लंघन बताया है। कतर के विदेश मंत्रालय ने भी जॉर्डन और यूएई पर हुए इन हमलों को संप्रभुता के खिलाफ एक गंभीर और बड़ा खतरा करार दिया है।
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव
इस पूरे विवाद के दौरान अमेरिका और ईरान के बीच भी तनाव काफी ज्यादा बढ़ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इस आक्रामकता पर बहुत कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अमेरिका इसका मुंहतोड़ जवाब देगा। इससे पहले अमेरिका ने 30 अगस्त को लारक द्वीप पर ईरान के दो लॉन्चरों को नष्ट कर दिया था क्योंकि खुफिया रिपोर्ट में यह बात सामने आई थी कि ईरानी बल हॉर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री बारूदी सुरंगे बिछाने की तैयारी कर रहे थे। इसी तनाव के बीच आईआरजीसी ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य के ऊपर अमेरिका के एक MQ-9 Reaper drone को भी मार गिराने का दावा किया है। मिस्र सरकार और मुस्लिम काउंसिल ऑफ Elders ने भी इस क्षेत्रीय तनाव पर अपनी चिंता जाहिर की है। ईरानी राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian का कहना है कि उनका देश युद्ध की शुरुआत नहीं करना चाहता लेकिन अगर किसी भी प्रकार की आक्रामकता दिखाई जाएगी तो ईरान भी चुपचाप नहीं बैठेगा। इस पूरी घटना की विस्तृत जानकारी आप QNA News पर देख सकते हैं।