GCC देशों से रिकॉर्ड $161 बिलियन की रेमिटेंस भेजी गई, UAE और सऊदी सबसे आगे

GCC देशों से 2025 में रिकॉर्ड $161 बिलियन की रेमिटेंस भेजी गई, जिसमें UAE और सऊदी अरब सबसे आगे रहे। ओमान से भी $9.5 बिलियन बाहर गए।

Gautam Sahu6 October 20262 min read6 viewsWorld
GCC देशों से रिकॉर्ड $161 बिलियन की रेमिटेंस भेजी गई, UAE और सऊदी सबसे आगे

खाड़ी देशों (GCC) में काम करने वाले प्रवासी मजदूरों ने साल 2025 में अपने गृह देशों को भेजे जाने वाले पैसों (Remittance) के मामले में एक नया रिकॉर्ड बनाया है। GCC स्टैटिस्टिकल सेंटर के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, इस साल कुल 161 बिलियन डॉलर की राशि विदेशों में भेजी गई, जो पिछले साल के मुकाबले 13.6 प्रतिशत की बड़ी बढ़त है। यह आंकड़ा दिखाता है कि खाड़ी देश दुनिया में वर्कर रेमिटेंस के सबसे बड़े स्रोत बने हुए हैं।

इस पूरे क्षेत्र की संयुक्त जीडीपी का लगभग 6.6 प्रतिशत हिस्सा रेमिटेंस के रूप में बाहर गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि गैर-तेल क्षेत्रों, जैसे इंफ्रास्ट्रक्चर और सर्विस सेक्टर में तेजी से हो रहे विस्तार और प्रवासी श्रम की निरंतर मांग की वजह से यह वृद्धि देखी गई है।

UAE और सऊदी अरब का दबदबा, ओमान की स्थिति

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अगर अलग-अलग देशों की बात करें, तो संयुक्त अरब अमीरात (UAE) 62.1 बिलियन डॉलर के साथ रेमिटेंस भेजने वाला सबसे बड़ा देश रहा। वहीं, सऊदी अरब 58 बिलियन डॉलर के साथ दूसरे स्थान पर रहा, लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि सऊदी अरब ने सालाना आधार पर 26.9 प्रतिशत की सबसे तेज वृद्धि दर्ज की है।

ओमान की बात करें तो यहां से लगभग 9.5 बिलियन डॉलर (3.64 बिलियन ओमानी रियाल) विदेशों में भेजे गए, जो ओमान की जीडीपी का करीब 8.7 प्रतिशत है। पिछले साल की तुलना में इसमें 3.1 प्रतिशत की मामूली बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, जीडीपी के अनुपात में कुवैत (10.6%) और यूएई (10.1%) ओमान से आगे रहे हैं।

ओमान के सेंट्रल बैंक ने बताया कि देश में रेमिटेंस की वृद्धि दर बाकी GCC देशों के मुकाबले कम रही है। इसका मुख्य कारण ओमान सरकार की वे नीतियां हैं, जिनके जरिए प्रवासियों को देश की अर्थव्यवस्था से जोड़ने की कोशिश की जा रही है। सरकार लॉन्ग-टर्म रेजिडेंसी, फैमिली सेटलमेंट प्रोग्राम और घर खरीदने व निवेश के बेहतर मौके दे रही है, ताकि प्रवासी अपनी कमाई का एक बड़ा हिस्सा ओमान में ही खर्च करें और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले।

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