GCC Unified Visa: गल्फ के 6 देशों में घूमने के लिए आएगा एक ही वीज़ा, भारतीयों को मिलेगा बड़ा फायदा.

गल्फ देशों में घूमने का प्लान बना रहे लोगों के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी सामने आ रही है। खाड़ी देशों यानी GCC के छह देशों में घूमने के लिए जल्द ही एक ही वीज़ा मिलने वाला है। इस प्रोजेक्ट को लेकर अब काम अपने अंतिम और तकनीकी चरण में पहुंच चुका है। GCC Secretary-General Jasem Mohamed Albudaiwi ने खुद इस बात की पुष्टि की है कि इस योजना पर तेजी से काम चल रहा है।
आखिरी दौर में पहुंचा तकनीकी काम
बीते 6 सितंबर 2026 को रियाद में आयोजित सिक्योरिटी एंड हिस्ट्री डायलॉग कॉन्फ्रेंस के दौरान Albudaiwi ने बताया कि यह प्रोजेक्ट अब राजनीतिक मंजूरी के दायरे से आगे निकल चुका है। Okaz और Saudi Gazette की रिपोर्ट्स के मुताबिक, सभी छह देशों के पासपोर्ट अधिकारियों के बीच बैकएंड समन्वय का काम पूरी तरह से पूरा हो चुका है। इससे पहले साल November 2023 में मस्कट में हुई बैठक के दौरान जीसीसी के इंटीरियर मंत्रियों ने इसे शुरुआती मंजूरी दी थी।
यह नया सिस्टम बिल्कुल यूरोप के शेंजेन वीज़ा की तरह काम करेगा। इसे खासतौर पर पर्यटकों और विजिटर्स के लिए तैयार किया जा रहा है। इसका इस्तेमाल नौकरी या लंबी अवधि के रेजिडेंस के लिए नहीं किया जा सकेगा। इसके शुरू होने से यूएई, सऊदी अरब, कतर, कुवैत, बहरीन और ओमान के बीच सफर करना बेहद आसान हो जाएगा और लोगों को बार-बार अलग-अलग वीज़ा लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
भारतीय प्रवासियों और परिवारों को होगा सबसे ज्यादा फायदा
मिनिस्ट्री ऑफ एक्सटर्नल अफेयर्स के आंकड़ों के अनुसार, इस साल March 2026 तक करीब 9.95 million भारतीय इन छह गल्फ देशों में रह रहे हैं। इस नए वीज़ा के आने से इन सभी प्रवासियों को सबसे बड़ा फायदा मिलेगा। अब यहाँ रहने वाले भारतीय अपने परिवार के सदस्यों को एक ही सिंगल परमिट पर सभी देशों की यात्रा पर बुला सकेंगे। इसके अलावा, बिजनेस के सिलसिले में आने वाले लोगों और कंपनियों के लिए भी अलग-अलग देशों में आने-जाने की प्रक्रिया काफी सरल हो जाएगी।
फीस और तारीख को लेकर अभी आधिकारिक मुहर बाकी
हालांकि प्रोजेक्ट अपनी आखिरी फेज में है, लेकिन वीज़ा की फीस, इसकी सटीक वैधता और पोर्टल को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। मौजूदा ट्रेड रिपोर्ट्स और इंडस्ट्री के अनुमानों के मुताबिक, इस वीज़ा की वैधता 30 से 90 दिन के बीच हो सकती है और इसमें एक से अधिक बार एंट्री (multi-entry) की सुविधा मिल सकती है। चर्चा के दौरान संभावित फीस USD 30 से USD 150 के बीच बताई जा रही है, लेकिन जब तक सरकार की तरफ से कोई नोटिफिकेशन जारी नहीं होता, तब तक इन आंकड़ों को फाइनल नहीं माना जा सकता।
यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे सोशल मीडिया पर चल रही किसी भी अफवाह या गलत जानकारी पर भरोसा न करें। वीज़ा के लिए आवेदन करते समय पासपोर्ट कम से कम छह महीने वैध होना चाहिए और सभी छह देशों को कवर करने वाला ट्रैवल इंश्योरेंस होना जरूरी हो सकता है। किसी भी आधिकारिक अपडेट के लिए लोगों को GCC Secretariat और संबंधित देशों के इंटीरियर मंत्रालयों या ई-वीज़ा प्लेटफॉर्म की ही मदद लेनी चाहिए।