GCC का बड़ा ऐलान, जल्द आएगा यूनिफाइड टूरिस्ट वीज़ा और AI रणनीति पर भी बनी सहमति.

खाड़ी देशों के संगठन GCC यानी गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल ने क्षेत्रीय सुरक्षा और विकास को लेकर एक बहुत ही अहम बैठक की। इस बैठक में GCC के महासचिव जassim अल-बुदैवी ने कई बड़े मुद्दों पर खुलकर बात की और आने वाले समय के लिए कई नई योजनाओं का ऐलान किया। आम लोगों और खाड़ी देशों में घूमने आने वाले पर्यटकों के लिए यह खबर बहुत काम की है क्योंकि जल्द ही पूरे क्षेत्र के लिए एक साझा टूरिस्ट वीज़ा शुरू किया जाएगा जिससे यात्रा करना बेहद आसान हो जाएगा।
युनाइटेड टूरिस्ट वीज़ा से बढ़ेगी आसानी
6 सितंबर 2026 को रियाद में आयोजित 'सिक्योरिटी एंड हिस्ट्री डायलॉग' सम्मेलन के दौरान जassim अल-बुदैवी ने बताया कि यूनिफाइड गल्फ टूरिस्ट वीज़ा प्रोजेक्ट को बहुत जल्द लागू किया जाएगा। इस योजना के लागू होने के बाद पर्यटकों को छहों GCC देशों यानी सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), बहरीन, कुवैत, ओमान और कतरा में घूमने के लिए अलग-अलग वीज़ा लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इस कदम से क्षेत्रीय एकीकरण को बढ़ावा मिलेगा और पर्यटकों को बिना किसी रुकावट के इन सभी देशों में आने-जाने की सुविधा मिलेगी। जो लोग इन देशों में अक्सर यात्रा करते हैं या छुट्टियां बिताने जाते हैं, उनके लिए यह एक बड़ी राहत होगी।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और साइबर क्राइम पर नई रणनीति
आज के दौर में तकनीक तेजी से बदल रही है और इसके साथ ही सुरक्षा चुनौतियां भी बढ़ती जा रही हैं। इस बात को ध्यान में रखते हुए GCC ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के प्रबंधन के लिए एक संयुक्त रणनीति अपनाई है। इस नई पहल का मुख्य उद्देश्य AI तकनीक के फायदों को अपनाना और उससे जुड़े जोखिमों तथा सुरक्षा खतरों से समय रहते निपटना है। यह कदम परिषद के उन चल रहे प्रयासों का हिस्सा है जिसके जरिए साइबर क्राइम और ऑनलाइन धोखाधड़ी पर लगाम लगाने का काम किया जा रहा है।
ड्रग्स के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियों की कड़ी नजर
क्षेत्रीय सुरक्षा के मोर्चे पर बात करते हुए महासचिव ने एक बहुत ही गंभीर खुलासा किया। उन्होंने बताया कि GCC के पास पक्की खुफिया जानकारी है कि कुछ ऐसी ड्रग्स बनाने वाली फैकट्रियां सक्रिय हैं जिनका मुख्य निशाना खाड़ी देशों के युवा हैं। कई आपराधिक संगठन और बाहरी ताकतें मिलकर गल्फ देशों के समाज को कमजोर करने की साजिश रच रही हैं और इसके लिए नशीले पदार्थों का धंधा फैलाया जा रहा है। इन गंभीर खतरों का मुकाबला करने के लिए सभी GCC देशों ने आपस में तालमेल और सहयोग को बहुत ज्यादा बढ़ा दिया है। सुरक्षा एजेंसियों ने 2025 में अपनाई गई एक संयुक्त रणनीति के तहत विशेष एंटी-ड्रग कमेटी का गठन किया है जो इन सभी अवैध गतिविधियों पर पैनी नजर रख रही है और मिलकर सख्त कार्रवाई कर रही है।