वैश्विक स्तर पर खाने-पीने की चीजें हुईं महंगी, साल 2022 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंचा खाद्य कीमतों का सूचकांक.

संयुक्त राष्ट्र की संस्था Food and Agriculture Organization (FAO) ने शुक्रवार, 4 सितंबर 2026 को यह जानकारी दी कि दुनिया भर में खाने-पीने की चीजों के दाम साल 2022 के आखिर के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गए हैं। अगस्त महीने में FAO Food Price Index (FFPI) औसतन 133.3 अंक दर्ज किया गया, जो जुलाई के सुधरे हुए आंकड़े 130.8 अंक से 1.9 प्रतिशत ज्यादा है। इसके अलावा पिछले साल इसी समय के मुकाबले इसमें 2.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी देखने को मिली है, जिससे आम आदमी की जेब पर असर पड़ रहा है।
खाद्य बाजारों में जोखिम और मौसम की मार
एफएओ के मुख्य अर्थशास्त्री Maximo Torero ने चेतावनी देते हुए बताया कि कीमतों में आया यह हालिया उछाल खाद्य बाजारों में जोखिम के लौटने का संकेत देता है। उन्होंने कहा कि मौसम में आ रहे बदलाव, आपसी तनाव और व्यापार से जुड़े रास्तों में रुकावटें मिलकर खाने-पीने की चीजों की सप्लाई को कम कर रही हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वैश्विक कीमतों को स्थिर रखने के लिए मजबूत सप्लाई चेन, खुले तौर पर व्यापार और जरूरी सामानों के सुरक्षित आने-जाने की सख्त जरूरत है, ताकि आम जनता को राहत मिल सके।
सभी खाद्य श्रेणियों में आई तेजी
संगठन द्वारा ट्रैक की जाने वाली सभी कमोडिटी श्रेणियों में बढ़ोतरी दर्ज की गई। अनाज के दाम का सूचकांक जुलाई से 2.2 प्रतिशत बढ़कर मई 2024 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया। इस सेक्टर के भीतर वैश्विक स्तर पर गेहूं की कीमतें 2.6 प्रतिशत बढ़ीं, जो पिछले साल से 15.0 प्रतिशत ज्यादा हैं। वहीं मक्का के दाम में 2.5 प्रतिशत और चावल में 0.5 प्रतिशत की तेजी आई। चीनी के दामों में सबसे बड़ी छलांग देखने को मिली, जो 11.9 प्रतिशत बढ़कर जून 2025 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गई।
खाद्य कीमतों के सूचकांक की मुख्य बातें
| Commodity Category | Price Change (%) | Market Trend Details |
|---|---|---|
| Cereal Price Index | +2.2% | Highest point since May 2024, wheat up by 2.6% |
| Sugar Price Index | +11.9% | Significant growth, highest since June 2025 |
| Vegetable Oil Index | +1.1% | Reached highest point since June 2022 |
| Meat Index | +1.0% | Steady increase in global meat prices |
| Dairy Index | +2.3% | Higher demand impacting dairy costs |
सब्जी के तेल के दाम जून 2022 के बाद सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गए, जिसमें 1.1 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। इसके अलावा मांस और डेयरी के सूचकांक में क्रमशः 1.0 प्रतिशत और 2.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इन सभी चीजों के दाम बढ़ने से दुनिया भर के बाजारों में खरीदारी करना आम आदमी के लिए थोड़ा और मुश्किल हो गया है।
खराब मौसम और भू-राजनीतिक तनाव का असर
इन तमाम चीजों के दाम बढ़ने के पीछे खराब मौसम और दुनिया भर में चल रहा राजनीतिक तनाव मुख्य वजह हैं। यूरोप में पड़ी भीषण गर्मी और सूखे ने, साथ ही गंभीर El Nino मौसम के खतरे ने मक्का, चीनी के चुकंदर और वनस्पति तेलों की पैदावार को बुरी तरह प्रभावित किया है। इसके साथ ही, ब्लैक सी क्षेत्र में चल रहे संघर्ष की वजह से रूस और यूक्रेन से अनाज के निर्यात का रास्ता बाधित हो रहा है।
क्षेत्रीय अस्थिरता, जिसमें अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और Strait of Hormuz का बंद होना शामिल है, ने खाद के आने-जाने के रास्ते को और भी ज्यादा मुश्किल बना दिया है। इन तमाम कारणों से वैश्विक सप्लाई चेन बुरी तरह प्रभावित हुई है, जिसका असर सीधे तौर पर आम बाजारों और खाने-पीने की चीजों की कीमतों पर पड़ रहा है।