Gulf Maritime Tension: फारस की खाड़ी में कमर्शियल जहाजों पर हमला, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव से बढ़ी प्रवासियों की चिंता।

Aanya9 September 20263 min read39 viewsKuwait
Gulf Maritime Tension: फारस की खाड़ी में कमर्शियल जहाजों पर हमला, अमेरिका और ईरान के बीच तनाव से बढ़ी प्रवासियों की चिंता।

फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी में चल रहे तनाव के बीच कई कमर्शियल जहाजों पर डिसेबलिंग फायर यानी जहाजों को नाकाम करने वाली गोलीबारी की गई है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में सुरक्षा को लेकर बड़ा अलर्ट जारी कर दिया गया है। यूनाइटेड किंगडम मैरिटाइम ट्रेड ऑपरेशंस यानी UKMTO को सैन्य अधिकारियों की तरफ से 8 सितंबर 2026 को इस हमले की जानकारी मिली थी। नौवहन से जुड़े लोगों और नाविकों को इस इलाके में पूरी सावधानी बरतने और सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

अमेरिका और ईरान के बीच सीधी भिड़ंत

यह पूरा मामला अमेरिका और ईरान के बीच चल रही सीधी सैन्य झड़पों के बाद सामने आया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की कि 8 सितंबर 2026 को अमेरिकी सेना ने ईरान के पांच ऑयल टैंकरों को पूरी तरह नष्ट कर दिया। इन नष्ट किए गए टैंकरों के नाम M/T Kaviz, M/T Charminar, M/T Horizon 1, M/T Riesco और M/T Derya हैं। अमेरिकी सेना ने यह कार्रवाई तब की जब ईरान लगातार दो दिनों यानी 7 और 8 सितंबर को अमेरिकी नेवी के युद्धपोत को निशाना बनाने की कोशिश कर रहा था। अमेरिकी सेना ने इन हमलों से खुद को बचाते हुए ईरान के इन जहाजों को मलबे में बदल दिया। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि ये सभी टैंकर उस फंडिंग नेटवर्क का हिस्सा थे जो इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC को पैसे मुहैया कराता था। हमले से पहले इन जहाजों पर काम करने वाले क्रू मेंबर को सुरक्षित बाहर निकलने का आदेश दे दिया गया था। ओमान की खाड़ी में M/T Riesco जहाज के डूबने का वीडियो फुटेज भी सामने आया है।

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ईरान की जवाबी कार्रवाई और चेतावनी

दूसरी तरफ ईरान के सरकारी मीडिया संस्थान Irib ने अपने पांचों टैंकरों के नष्ट होने की बात स्वीकार की है। इसके जवाब में IRGC ने तुरंत पलटवार करते हुए कुल छह जहाजों को निशाना बनाने का ऐलान किया। इनमें तीन ऐसे ऑयल टैंकर शामिल थे जिन पर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में बिना अनुमति के रास्ते इस्तेमाल करने का आरोप लगाया गया था, और तीन अन्य जहाज अमेरिका से जुड़े बताए गए। ईरान के जस्क और खर्ग द्वीप के पास जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जिसके बाद दो टैंकरों के क्रू मेंबर को लाइफबोट के जरिए सुरक्षित निकाला गया। इतना ही नहीं, IRGC ने कुवैत और बहरीन के बंदरगाहों पर खड़े सभी ऑयल टैंकरों को तुरंत खाली करने की कड़ी चेतावनी जारी की है क्योंकि उन्हें भी निशाना बनाया जा सकता है।

जॉर्डन पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला

इस संघर्ष का दायरा अब और ज्यादा बड़ा हो गया है। अमेरिकी हमलों का बदला लेने के लिए ईरान ने जॉर्डन की तरफ 20 बैलिस्टिक मिसाइलें दाग दीं। ईरान का दावा था कि वह अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बना रहा था। जॉर्डन की सेना ने अपनी मुस्तैदी दिखाते हुए हवा में ही 18 मिसाइलों को सफलताaपूर्वक नष्ट कर दिया। बाकी बची दो मिसाइलें ऐसी जगह गिरी जहां कोई आबादी नहीं थी, जिसके कारण किसी भी तरह के जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। इससे पहले भी 5 सितंबर और 8 सितंबर 2026 को समुद्री इलाकों में कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जो इस बात की गवाही देती हैं कि खाड़ी देशों में हालात कितने गंभीर हो चुके हैं। खाड़ी देशों में रहने वाले और वहां यात्रा करने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए यह स्थिति बेहद चिंताजनक बनती जा रही है क्योंकि इस समुद्री हलचल का असर आने वाले दिनों में व्यापार और सुरक्षा पर पड़ सकता है।

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