Himalayan Mudslide: चीन-नेपाल सीमा पर भीषण मडस्लाइड, 23 देशों के 261 विदेशी नागरिक लापता.

Praggya Singh sabal30 August 20263 min read18 viewsWorld
Himalayan Mudslide: चीन-नेपाल सीमा पर भीषण मडस्लाइड, 23 देशों के 261 विदेशी नागरिक लापता.

चीन और नेपाल की सीमा पर स्थित हिमालयी क्षेत्र में एक भयानक प्राकृतिक आपदा आई है, जिसने सबको झकझोर कर रख दिया है। 26 अगस्त 2026 को बुधवार के दिन एक ग्लेशियर के टूटने से वहां पर भारी मडस्लाइड यानी कीचड़ और मलबे का सैलाब आ गया। इस बड़ी दुर्घटना में तिब्बत की तरफ से 23 देशों के कुल 261 विदेशी नागरिक लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश अभी भी जारी है। चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस इलाके में 16 लोगों की मौत की पुष्टि हो चुकी है और कुल लापता लोगों का आंकड़ा 546 तक पहुंच गया है।

सीमा के दूसरी तरफ नेपाल के हिस्से में इस आपदा ने और भी ज्यादा तबाही मचाई है। नेपाली अधिकारियों की रिपोर्ट के मुताबिक, इस भयंकर घटना में कम से कम 675 लोगों की मौत हो चुकी है, 2,498 लोग लापता हैं और सेना तथा राहत टीमों ने मिलकर 7,514 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया है। इस पूरे हादसे को लेकर चीनी सरकारी प्रसारक CCTV ने विशेषज्ञों के हवाले से बताया कि यह घटना लंबे समय से बढ़ रहे ग्लोबल वार्मिंग के कारण ग्लेशियर में आई कमजोरी की वजह से हुई है, जिसे एक बहुत बड़ा क्रायोस्फीयर इवेंट माना जा रहा है।

घटना का भयानक मंजर और राहत कार्यों में रुकावट

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गाइरॉन्ग बॉर्डर क्रॉसिंग के पास लगे सीसीटीवी कैमरों में यह भयानक तबाही कैद हुई है। फुटेज में साफ देखा गया कि कैसे बर्फ, चट्टानों और कीचड़ का एक बहुत बड़ा सैलाब महज सात मिनट से भी कम समय में वहां की सभी इमारतों और रास्तों को अपने अंदर निगल गया। हालांकि व्यापक सर्वे के बाद यह कंफर्म हो गया है कि गाइरॉन्ग काउंटी में कोई भी पर्यटक अब फंसा हुआ नहीं है, लेकिन लापता लोगों को ढूंढने के काम में लगातार खराब मौसम बड़ी रुकावट बन रहा है। इसके अलावा मलबे के इकट्ठा होने से वहां एक झील बन गई है, जिससे त्रिशूल नदी का जलस्तर बढ़ गया है और बाढ़ का गंभीर खतरा मंडरा रहा है।

किन देशों के नागरिक हैं शामिल और सरकारी मदद

इस हादसे में लापता हुए विदेशी नागरिकों की लिस्ट बहुत लंबी है, जिसमें नेपाल के 104, भारत के 49, लातविया के 33, अमेरिका के 18, ब्रिटेन के 15, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया के 6-6, दक्षिण अफ्रीका के 4, मलेशिया, जर्मनी और रूस के 3-3, आयरलैंड, एस्टोनिया, फ्रांस, नीदरलैंड और न्यूजीलैंड के 2-2, तथा कजाकिस्तान, फिनलैंड, लिथुआनिया, पुर्तगाल, यूक्रेन, स्पेन और हंगरी का 1-1 नागरिक शामिल है। बीजिंग प्रशासन ने इन सभी देशों के विदेशी मिशनों को उनके नागरिकों के लापता होने की आधिकारिक सूचना दे दी है।

चीन के विदेश मंत्री Wang Yi ने शनिवार को अपने नेपाली समकक्ष के साथ इस मामले पर लंबी बातचीत की और इसे हाल के वर्षों की सबसे भयानक क्रॉस-बॉर्डर आपदा बताया। इस मुश्किल समय में राहत और बचाव कार्यों को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए चीन सरकार ने कम से कम 220 मिलियन युआन यानी लगभग 32.7 मिलियन डॉलर का फंड जारी किया है। इसके अलावा 2,100 से अधिक आपातकालीन राहत कर्मियों को जमीन पर उतारा गया है। प्रभावित इलाकों में राहत सामग्री, कैश, हाइड्रोलॉजिकल डेटा और टनल रेस्क्यू की विशेष तकनीक मुहैया कराई जा रही है, और दोनों देश मिलकर लापता लोगों की तलाश में जुटे हैं।

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