होर्मुज जलडमरूमध्य में बड़ा हमला, खदान से टकराकर दो तेल टैंकरों में लगी भयंकर आग.

फारस की खाड़ी में क्षेत्रीय तनाव के बीच एक बड़ी घटना सामने आई है जहाँ होर्मुज जलडमरूमध्य में खदानों से टकराने के बाद दो तेल टैंकरों में जोरदार विस्फोट हुआ और उनमें आग लग गई। इस घटना ने खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग सेक्टर की चिंता को काफी बढ़ा दिया है, क्योंकि इस समुद्री मार्ग से रोजाना बड़े पैमाने पर तेल की आवाजाही होती है।
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्स का बयान
बुधवार, 2 सितंबर 2026 को ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्स यानी IRGC ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की कि ये दोनों जहाज अमेरिकी सेना के बहकावे में आकर एक अवैध रास्ते का इस्तेमाल कर रहे थे। IRGC के मुताबिक इन जहाजों के क्रू मेंबरों को विस्फोट होने से पहले ही सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था और उन्हें अमेरिकी कर्मियों को सौंप दिया गया था। इसके साथ ही ईरानी सेना ने सभी शिपिंग कंपनियों को सख्त चेतावनी जारी की है कि वे किसी भी unauthorized रूट का इस्तेमाल करने से बचें और चेतावनी दी है कि अमेरिकी सैन्य कार्रवाइयों से इस जलमार्ग पर ईरान के नियंत्रण पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
सऊदी टैंकर पर हमला और क्षेत्रीय देशों की प्रतिक्रिया
यह ताजा घटना 31 अगस्त 2026 को सऊदी अरब के टैंकर SIDR पर हुए हमले के ठीक बाद सामने आई है। उस हमले में फिलीपींस के दो नाविकों की मौत हो गई थी, जिसकी पुष्टि जहाज की मालिक कंपनी सऊदी नेशनल शिपिंग कंपनी Bahri ने की थी। इस घटना के बाद जॉर्डन, बहरीन और कुवैत में भी कथित तौर पर ईरानी हमलों की खबरें सामने आईं, जिसके बाद सऊदी अरब की सरकार ने इन सभी घटनाओं की कड़ी निंदा की और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संयम बरतने की अपील की। कतर ने भी SIDR टैंकर पर हुए हमले की निंदा करते हुए कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य का इस्तेमाल राजनीतिक सौदेबाजी के लिए नहीं किया जाना चाहिए।
अमेरिकी सेना की जवाबी कार्रवाई
इस पूरे सैन्य तनाव के बीच अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बुधवार को ईरान के भीतर IRGC के ठिकानों पर हवाई हमले शुरू करने की पुष्टि की। यह कार्रवाई जॉर्डन में अमेरिकी बेस पर कथित तौर पर हुए ईरानी मिसाइल हमले के जवाब में की गई, जिससे पहले मंगलवार, 1 सितंबर 2026 को भी अमेरिकी सेना ने स्ट्राइक किए थे। अमेरिकी सैन्य प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि अमेरिकी सेना किसी भी नागरिक को निशाना नहीं बनाती है, लेकिन इस सैन्य टकराव से क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति लगातार गंभीर बनी हुई है।
तेल की आवाजाही और कमर्शियल शिपिंग पर असर
तनाव के बावजूद अमेरिकी ऊर्जा सचिव Chris Wright ने जानकारी दी कि सोमवार को इस जलडमरूमध्य से 17 मिलियन बैरल तेल गुजरा, जो इस संघर्ष की शुरुआत के बाद से सबसे बड़ा वॉल्यूम है। हालांकि इसके बावजूद कमर्शियल शिपिंग पर अभी भी काफी पाबंदियां लगी हुई हैं और सोमवार को केवल 13 जहाज ही इस जलमार्ग से गुजर पाए। इन सभी जहाजों ने अमेरिकी सुरक्षा वाले दक्षिणी रास्ते के बजाय ईरान के नियंत्रण वाले उत्तरी लेन को चुना। दूसरी ओर, ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने मंगलवार को यह इच्छा जताई कि अगर वाशिंगटन सरकार जवाबी कार्रवाई में उन्हें खदानें साफ करने और सामान्य आवाजाही बहाल करने की अनुमति देती है, तो वे जून 2026 के मध्य के अंतरिम समझौते की शर्तों पर वापस लौटने के लिए तैयार हैं।