हॉर्मूज जलडमरूमध्य में जहाज पर बड़ा हमला, ऊर्जा सुरक्षा को लेकर मिडिल ईस्ट में बढ़ी टेंशन.

मिडिल ईस्ट में क्षेत्रीय सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएं काफी ज्यादा बढ़ गई हैं। रविवार, 13 सितंबर 2026 को सुबह हॉर्मूज जलडमरूमध्य में एक कमर्शियल जहाज पर मिसाइल से हमला किया गया। ईरान के सरकारी मीडिया ने इस बात की पुष्टि की है कि यह जहाज ईरान का ही था और इस हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि तीन लोग घायल हो गए। यह घटना कशम द्वीप के पास हुई है। यूनाइटेड किंगडम मैरिटाइम ट्रेड ऑपरेशंस यानी UKMTO ने भी अलग से इस बात की पुष्टि की है कि जलडमरूमध्य से गुजर रहे एक जहाज को प्रोजेक्टाइल यानी मिसाइल जैसी चीज से निशाना बनाया गया है। इस घटना के बाद से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है और आने वाले दिनों में हालात और गंभीर होने की आशंका जताई जा रही है।
सऊदी अरब में पाइपलाइन पर हमला और क्षेत्रीय तनाव
यह समुद्री घटना उस समय सामने आई है जब पूरे वीकेंड में क्षेत्रीय हिंसा में काफी तेजी देखी गई। शनिवार, 12 सितंबर को सऊदी अरब ने ड्रोन हमले के बाद अपनी ईस्ट-वेस्ट ऑयल पाइपलाइन को बंद कर दिया। बगदाद और रियाद दोनों ने मिलकर यह पहचान की थी कि यह ड्रोन हमला इराक की तरफ से आया था। सऊदी विदेश मंत्रालय वर्तमान में इस हमले से हुए नुकसान और घायलों की संख्या का आकलन कर रहा है। इसी बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने आयरलैंड से बयान देते हुए कहा कि इस पाइपलाइन हमले के लिए ईरान ही मुख्य रूप से जिम्मेदार है। इस पूरी स्थिति के जवाब में इराक ने ईरान के साथ अपनी तीनों सीमा चौकियों को बंद कर दिया है ताकि सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा किया जा सके और किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।
हूती विद्रोहियों की हरकतें और सऊदी अरब पर हमले
इस बीच क्षेत्रीय अस्थिरता को और बढ़ाने का काम हूती विद्रोहियों ने किया है। हूती सैन्य प्रवक्ता Yahya Saree ने दावा किया कि उनके बलों ने सऊदी अरब के शरूराह प्रांत में एक सैन्य बेस पर ड्रोन और मिसाइल से कई हमले किए। इन हमलों में मुख्य रूप से कमांड सेंटर और हथियारों के गोदामों को निशाना बनाया गया था। इसके अलावा, सऊदी सिविल डिफेंस ने यह जानकारी दी कि हूती विद्रोहियों की तरफ से दागा गया एक प्रोजेक्टाइल जाज़ान क्षेत्र में गिरा, जिससे दो लोग घायल हो गए और कई इमारतों को नुकसान पहुंचा। हूती ताकतें हाल ही में अपनी पहुंच को बढ़ाते हुए रणनीतिक तौर पर अहम द्वीप पेरिम और मोखा तथा धुबाब के बंदरगाह शहरों पर कब्जा कर चुकी हैं, जिससे बाब एल-मंडब जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही पर बड़ा खतरा मंडराने लगा है।
ओमान में होने वाली कूटनीतिक बैठक और अमेरिकी नीतियां
क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल करने के लिए अब कूटनीतिक प्रयास भी तेजी से शुरू हो गए हैं। ईरान के विदेश मंत्रालय ने यह घोषणा की है कि हॉर्मूज जलडमरूमध्य की सुरक्षा पर चर्चा करने के लिए सोमवार, 14 सितंबर को ओमान में खाड़ी देशों के साथ एक अहम बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में इराक और फारस की खाड़ी के अन्य तटीय देशों के भी शामिल होने की पूरी उम्मीद है। हालांकि, ईरान की संसद के राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रमुख Ebrahim Azizi ने यह साफ कर दिया है कि जब तक अमेरिका ईरान की शर्तों को स्वीकार नहीं करता, तब तक बातचीत का रास्ता बेहद मुश्किल बना रहेगा। ये सारे तनाव उस अमेरिकी नीति के बैकड्रॉप में हो रहे हैं जिसे सितंबर की शुरुआत में लागू किया गया था। इस नीति के तहत रात के समय होने वाले हमलों के जोखिम को कम करने के लिए जलडमरूमध्य से गुजरने वाले टैंकर्स को सैन्य सुरक्षा के साथ दिन में केवल दो तय समय स्लॉट ही दिए जा रहे हैं।