सऊदी अरब पर हूती हमले के दावे, रियाद एयरपोर्ट और अरामको ठिकानों का ज़िक्र
हूती प्रवक्ता ने रियाद एयरपोर्ट, दहरान में अरामको और रिफाइनरी पर हमले का दावा किया। सऊदी पक्ष के बयान और ताज़ा हालात पर पढ़ें पूरी खबर।

रियाद: हूती सैन्य प्रवक्ता याहया सरी ने 15 अक्टूबर को दावा किया कि उनकी सेनाओं ने रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर बैलिस्टिक मिसाइल से हमला किया है। उन्होंने दहरान में अरामको की सुविधाओं और रियाद की एक रिफाइनरी को भी निशाना बनाने की बात कही।
इस बीच खबरों में विरोधाभास भी सामने आया है। अल जज़ीरा न्यूज़ की एक शुरुआती अपडेट में बताया गया था कि हूती प्रवक्ता ने उस दिन सऊदी अरब पर कोई हमला होने की बात से इनकार किया था। बाद की जानकारी से संकेत मिलता है कि समूह की बयानबाज़ी और गतिविधि दोनों में बढ़ोतरी हुई है।
सरी ने यह भी दावा किया कि हूती बलों ने सऊदी यूरोफाइटर टाइफून विमान को निशाना बनाने के लिए हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल का इस्तेमाल किया। उनके मुताबिक़ यह विमान साडा प्रांत के ऊपर था और उस पर सीधी मार हुई, जिससे वह खतरे में पड़ गया। उन्होंने कहा कि सऊदी अरब के भीतर गहराई तक अभियान जारी रहेंगे, और नागरिकों तथा अंतरराष्ट्रीय एयरलाइनों से हवाई अड्डों और तेल ढांचे से दूर रहने को कहा।
ये दावे 14 और 15 अक्टूबर की तीव्र सैन्य गतिविधि के बाद आए हैं। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने बताया कि 14 अक्टूबर को रियाद की ओर दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल को रोक दिया गया। सऊदी नागरिक सुरक्षा विभाग के अनुसार मलबा गिरने से 15 घरों को नुकसान हुआ और एक बच्चे सहित चार लोग घायल हुए।
सऊदी ऊर्जा मंत्रालय ने पुष्टि की कि 14 अक्टूबर को दहरान में अरामको की एक प्रशासनिक इमारत में सीमित आग लगी। मंत्रालय के मुताबिक़ इसमें किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। इससे पहले 5 से 11 अक्टूबर के बीच कम से कम 20 लोगों की मौत और 350 से ज़्यादा लोग घायल हुए थे। 10 अक्टूबर को किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए हमले में 12 लोगों की मौत और 309 लोग घायल हुए थे।
यह तनाव ऐसे समय में बढ़ा है जब जुलाई 2026 में संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता से हुआ युद्धविराम टूट चुका है। क्षेत्र में हाई अलर्ट बना हुआ है।