यमन में बड़ा हमला, हाइजात अल-अब्द हाईवे पर मिसाइल गिरने से चार नागरिकों की मौत और नौ घायल.

यमन में हिंसा का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है और हाल ही में एक दर्दनाक घटना सामने आई है। हूती समूह की तरफ से किए गए एक बैलिस्टिक मिसाइल हमले में चार आम नागरिकों की जान चली गई, जबकि नौ अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हमला शनिवार, 5 सितंबर 2026 को ताइज और लाहिज प्रांत को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण पर्वतीय मार्ग पर हुआ। इस भयानक हादसे के बाद पूरे इलाके में डर का माहौल बन गया है और आम लोगों का सफर करना बेहद खतरनाक हो गया है।
यात्री बसों को बनाया गया निशाना
हूती लड़ाकों की तरफ से दागी गई मिसाइल ने सीधे तौर पर उन यात्री बसों को अपना निशाना बनाया जो इस पहाड़ी रास्ते से गुजर रही थीं। यह हाईवे ताइज को लाहिज प्रांत और देश की अंतरिम राजधानी अदन से जोड़ने वाला एक मुख्य रास्ता है। इस मार्ग पर रोजाना हजारों आम लोग सफर करते हैं। मिसाइल गिरने से गाड़ियों और सड़क को बहुत नुकसान पहुंचा है, जिसके चलते सुरक्षा कारणों से इस हाईवे को अस्थाई तौर पर बंद करना पड़ा है। स्थानीय लोगों और अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की है कि हमले की चपेट में आने वाले सभी लोग आम नागरिक थे।
सरकारी एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन की प्रतिक्रिया
इस दुखद घटना की जानकारी यमन की सरकारी समाचार एजेंसी सबा और स्थानीय सैन्य अधिकारियों ने साझा की। पिछले कुछ हफ्तों से पश्चिमी प्रांतों जैसे ताइज और होदेइदाह में यमन की सरकारी फौजों और हूती लड़ाकों के बीच जबरदस्त झड़पें देखने को मिल रही हैं। लगातार हो रही इन सैन्य कार्रवाइयों की वजह से हजारों परिवार अपना घर छोड़ने को मजबूर हो गए हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए यमन के श्रम और सामाजिक मामलों के मंत्रालय ने देश और दुनिया से तुरंत मानवीय सहायता भेजने की अपील की है, ताकि विस्थापित हुए लोगों की मदद की जा सके।
पश्चिमी तट पर जवाबी कार्रवाई की घोषणा
आम नागरिकों पर हुए इस घातक हमले के बाद सरकारी समर्थन वाली सेना भी एक्शन मोड में आ गई है। पश्चिमी तट पर तैनात समर्थक बलों के प्रवक्ता वदाह डोबिश ने एक बड़ा बयान जारी किया। उन्होंने बताया कि इस क्रूर हमले का कड़ा जवाब देते हुए दक्षिणी होदेइदाह के अल गर्राही जिले में एक नया सैन्य अभियान शुरू कर दिया गया है। सरकारी फौजें लगातार हूती ठिकानों को जवाब दे रही हैं ताकि आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और इन हमलों पर लगाम लगाई जा सके।