Iran News: ईरान के पिकऐक्स माउंटेन परमाणु साइट पर नई निर्माण गतिविधियों की पुष्टि, IAEA प्रमुख ने दी जानकारी।

Sushma Kumari10 September 20263 min read48 viewsWorld
Iran News: ईरान के पिकऐक्स माउंटेन परमाणु साइट पर नई निर्माण गतिविधियों की पुष्टि, IAEA प्रमुख ने दी जानकारी।

अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी IAEA के महानिदेशक Rafael Grossi ने 10 सितंबर 2026 को यह पुष्टि की है कि सैटेलाइट से मिली तस्वीरों में ईरान के इस्फहान प्रांत में स्थित पिकऐक्स माउंटेन साइट पर नई हलचल और निर्माण कार्य देखा गया है। एजेंसी के निरीक्षकों को अभी तक इस साइट के अंदर बनी सुरंगों के भीतर जाने की अनुमति नहीं मिली है। अंतरराष्ट्रीय एजेंसी ने कई बार इस सुविधा केंद्र तक पहुंच और जानकारी की मांग की है, लेकिन ईरानी अधिकारियों ने इस पर कोई जवाब नहीं दिया है।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में मामला

यह पुष्टि 9 सितंबर 2026 को IAEA बोर्ड ऑफ गवर्नर्स के एक महत्वपूर्ण मतदान के बाद सामने आई है, जिसमें ईरान को परमाणु समझौते के नियमों का उल्लंघन करने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भेजने का फैसला किया गया। इस प्रस्ताव का समर्थन अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी ने किया है, और इसमें तेहरान से अपनी कमियों को जल्द से जल्द ठीक करने की मांग की गई है। वहीं दूसरी ओर, रूस, चीन और नाइजर ने इस प्रस्ताव के खिलाफ वोट किया। पिछले दो दशकों में यह पहला ऐसा मामला है जब किसी देश को इस तरह से यूएन सुरक्षा परिषद में भेजा गया है।

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सेंटर फॉर स्ट्रैटिजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज की रिपोर्ट

सेंटर फॉर स्ट्रैटिजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज CSIS द्वारा की गई सैटेलाइट तस्वीरों की जांच से पता चलता है कि साल 2026 के दौरान वहां निर्माण कार्य में काफी तेजी आई है। इसमें सुरंग के रास्तों को मजबूत करना, आने-जाने के रास्तों को ठीक करना और वहां से निकाली गई मिट्टी को हटाना शामिल है। CSIS के विश्लेषकों का मानना है कि इस जगह का इस्तेमाल सेंट्रीफ्यूज असेंबली या यूरेनियम संवर्धन के लिए किया जा सकता है, हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अभी वहां संवर्धन का काम शुरू नहीं हुआ है। इन तस्वीरों से इजरायली खुफिया एजेंसी की उन रिपोर्टों की पुष्टि या खंडन नहीं होता है जिनमें कहा गया था कि सेंट्रीफ्यूज को पहले ही इस सुविधा के अंदर ले जाया जा रहा है।

ईरान का पक्ष और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

ईरान के उप विदेश मंत्री Kazem Gharibabadi और IAEA में ईरानी राजदूत Reza Najafi ने इस प्रस्ताव को एक राजनीतिक हथकंडा बताया है। ईरान का कहना है कि वह अपने दायित्वों को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन मौजूदा सैन्य धमकियों के बीच नियमों का पूरी तरह पालन करना मुमकिन नहीं है। इससे पहले जुलाई के महीने में ईरानी विदेश मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने यह दावा किया था कि पिकऐक्स माउंटेन पर किसी भी तरह की परमाणु गतिविधि नहीं चल रही है।

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने 9 सितंबर 2026 को ईरान को आगे की गतिविधियों के खिलाफ चेतावनी दी और कहा कि अमेरिका ने इस गतिविधि पर नजर रखी है। पेंटागन जमीन के अंदर बनी इन मजबूत परमाणु साइटों को निशाना बनाने के लिए संभावित सैन्य विकल्पों की समीक्षा कर रहा है, भले ही इस बात को लेकर संशय बना हुआ है कि मौजूदा हथियार ऐसी मजबूत जगहों पर कितने असरदार साबित होंगे।

IAEA की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के पास इस समय 440.9 किलोग्राम यूरेनियम है जिसे 60% शुद्धता तक संवर्धित किया गया है। एजेंसी का सुझाव है कि अगर इस सामग्री का हथियार बनाने के लिए इस्तेमाल किया जाए, तो इससे लगभग 10 परमाणु बम तैयार किए जा सकते हैं।

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