IEA की रिपोर्ट: Gulf देशों से तेल सप्लाई 2027 तक रहेगी बाधित, क्षेत्रीय संघर्ष और तनाव बना मुख्य कारण

अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी यानी IEA ने शुक्रवार, 11 सितंबर 2026 को अपनी सितंबर 2026 ऑयल मार्केट रिपोर्ट जारी कर दी है। इस रिपोर्ट के अनुसार, खाड़ी देशों यानी गल्फ प्रोड्यूसर्स से तेल की सप्लाई में सुधार अब साल 2027 से पहले होने की कोई उम्मीद नहीं है। एजेंसी ने इसके पीछे अमेरिका और ईरान के बीच लंबे समय से चल रहे कूटनीतिक गतिरोध, लगातार हो रहे क्षेत्रीय संघर्षों और गल्फ तथा लाल सागर के बाब एल-मंडेब चोक पॉइंट पर बार-बार होने वाले हमलों को मुख्य बाधा बताया है। होर्मुज जलडमरूमध्य में शिपिंग की चुनौतियों और बुनियादी ढांचे पर हमलों के कारण स्थिति और ज्यादा गंभीर हो गई है, जिससे पूरी दुनिया के बाजारों पर असर पड़ रहा है।
वैश्विक तेल उत्पादन में भारी गिरावट
अगस्त के महीने में दुनिया भर में तेल का उत्पादन 1.6 मिलियन बैरल प्रति दिन (mb/d) घटकर 100.1 mb/d पर आ गया है। सुरक्षा जोखिमों की वजह से गल्फ देशों का 10 mb/d से ज्यादा का उत्पादन अभी बंद पड़ा हुआ है। गल्फ देशों से होने वाली सप्लाई करीब 2 mb/d घटकर 21.9 mb/d पर पहुंच गई है, जो युद्ध से पहले के स्तर से 10.1 mb/d कम है। अकेले सऊदी अरब का तेल उत्पादन गिरकर पिछले 30 सालों के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है। अगस्त के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य से तेल का बहाव औसतन 7.6 mb/d दर्ज किया गया, जो युद्ध से पहले के आंकड़ों के मुकाबले 13.1 mb/d की बड़ी गिरावट को दिखाता है। IEA का अनुमान है कि यह पाबंदियां साल 2026 के दौरान ऐसी ही बनी रहेंगी।
घटाया गया वैश्विक तेल आपूर्ति और मांग का अनुमान
एजेंसी ने साल 2026 के लिए अपने वैश्विक तेल आपूर्ति के पूर्वानुमान को संशोधित करके औसतन 100.7 mb/d कर दिया है। यह पिछले साल की तुलना में 5.7 mb/d कम है और पिछले अनुमानों से 1.3 mb/d कम है। इसके साथ ही, साल 2026 में वैश्विक तेल की मांग में 2.5 mb/d की गिरावट आने की उम्मीद जताई गई है। यह अनुमान पिछले महीने की तुलना में 940 किलोबैरल प्रति दिन (kb/d) ज्यादा है, जिसकी मुख्य वजह ऊंचे ईंधन दाम और अमेरिका-ईरान वार्ताओं में कोई प्रगति न होना है।
घटते भंडार और रिफाइनिंग सिस्टम पर दबाव
दुनिया भर में तेल का भंडार गंभीर दबाव में चल रहा है। अगस्त के महीने में वैश्विक स्तर पर देखे गए तेल के भंडार में 95 मिलियन बैरल (mb) की कमी आई है। फरवरी के बाद से कुल मिलाकर यह कमी 507 mb या औसतन 2.8 mb/d तक पहुंच चुकी है। गल्फ देशों से रिफाइंड प्रोडक्ट और एलपीजी का निर्यात फरवरी के स्तर से लगभग 60% यानी 3.7 mb/d कम है। अगस्त में गल्फ से डीजल और गैसऑयल का शुद्ध निर्यात केवल 390 kb/d तक ही पहुंच पाया, जो कि युद्ध से पहले के वॉल्यूम का सिर्फ एक चौथाई हिस्सा है। रूस के रिफाइनिंग सिस्टम में आ रही दिक्कतों की वजह से यह स्थिति और भी ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो गई है। IEA ने इस बात पर जोर दिया है कि दुनिया में तेल का बफर स्टॉक तेजी से खत्म हो रहा है और रिफाइनिंग सिस्टम अपनी पूरी क्षमता के साथ तनाव में काम कर रहा है, इसलिए बाजार को और अधिक कसने से बचाने के लिए मध्य पूर्व और रूस-यूक्रेन संघर्ष का जल्द से जल्द समाधान होना बहुत जरूरी है।