Imran Khan के बेटों ने की स्वतंत्र मेडिकल केयर की मांग, पाकिस्तान सरकार ने खारिज किए सभी आरोप.

Sushma Kumari28 August 20263 min read25 viewsWorld
Imran Khan के बेटों ने की स्वतंत्र मेडिकल केयर की मांग, पाकिस्तान सरकार ने खारिज किए सभी आरोप.

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री Imran Khan की सेहत और उनकी जेल में हो रही देखरेख को लेकर मामला फिर से गरमा गया है। उनके दोनों बेटों Kasim Khan और Suleiman Khan ने 28 अगस्त 2026 को दुनिया के सामने आकर अपने पिता के लिए स्वतंत्र रूप से मेडिकल जांच और इलाज की मांग रखी है। बेटों का कहना है कि उनके पिता की तबीयत लगातार बिगड़ती जा रही है और उन्हें रावलपिंडी की Adiala Jail में मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा है। परिवार के सदस्यों का यह भी आरोप है कि जेल में बंद होने के बाद से उन्हें कई प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनकी सेहत पर बहुत बुरा असर पड़ा है।

जेल में खराब सेहत और नजरबंदी के आरोप

परिवार के सदस्यों ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि पूर्व प्रधानमंत्री की दाई आंख की रोशनी करीब 85 प्रतिशत तक कम हो चुकी है। इसके अलावा उन्हें अकेले में रखने के कारण लगातार एंग्जायटी और ब्लड प्रेशर के उतार-चढ़ाव जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। बेटों ने जानकारी दी कि उनकी अपने पिता से पिछले करीब छह महीने से कोई सीधी बातचीत नहीं हो पाई है। उनकी आखिरी बार केवल 20 मिनट की बातचीत मार्च के महीने में ईद अल-फितर के अवसर पर हुई थी। परिवार का यह भी आरोप है कि साल 2022 से ही उनसे मिलने की तमाम फिजिकल कोशिशों को प्रशासन की तरफ से लगातार रोका जा रहा है, जिससे परिवार के लोग काफी चिंतित हैं।

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पाकिस्तान सरकार का आधिकारिक पक्ष

दूसरी तरफ, पाकिस्तान सरकार ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। सूचना और प्रसारण मंत्रालय की तरफ से 28 अगस्त 2026 को एक आधिकारिक बयान जारी किया गया। सूचना मंत्री Attaullah Tarar और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने साफ किया कि पूर्व प्रधानमंत्री को जेल के अंदर पूरी तरह से उचित और बेहतर इलाज दिया जा रहा है। सरकार का दावा है कि उनकी कैद के दौरान अब तक कुल 30 बार मेडिकल जांच कराई जा चुकी है। हाल ही में डॉक्टरों की टीम ने उनकी जांच करके बताया है कि वे पूरी तरह से ठीक, स्थिर और सामान्य स्थिति में हैं। सरकार का यह भी कहना है कि उन्हें अब तक 198 इंटरव्यू सेशन के जरिए परिवार के सदस्यों, वकीलों और डॉक्टरों सहित 900 से अधिक लोगों से मिलने की अनुमति दी गई है।

अदालती आदेश और क्रिकेट जगत की प्रतिक्रिया

इस पूरे मामले में कानूनी खींचतान भी लगातार जारी है। सुप्रीम कोर्ट के तीन जजों की बेंच ने 18 अगस्त 2026 को एक आदेश जारी किया था, जिसमें कहा गया था कि Imran Khan को दो दिन के भीतर एक निजी अस्पताल Shifa International Hospital में शिफ्ट किया जाए। इसके साथ ही उन्हें परिवार से हर हफ्ते मिलने की अनुमति, बेटों के साथ हफ्ते में दो बार फोन पर बात करने और अपने निजी डॉक्टर तथा बहन Dr. Uzma Khan से मिलने की छूट देने का निर्देश था। हालांकि, 20 अगस्त 2026 को उन्हें केवल एक सामान्य चेक-अप के लिए सरकारी अस्पताल Pakistan Institute of Medical Sciences (PIMS) ले जाया गया और वापस जेल भेज दिया गया। पार्टी Pakistan Tehreek-e-Insaf (PTI) ने इसे अदालत के आदेशों की सीधी अवमानना बताया है। इस बीच, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस मुद्दे पर चर्चा तेज हो गई है। इंग्लैंड और पाकिस्तान के बीच खेले गए दूसरे टेस्ट मैच के दौरान एक इंटरव्यू प्रसारित होने के बाद पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने ब्रॉडकास्टर के खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। साथ ही, पूर्व भारतीय कप्तान Sunil Gavaskar, Kapil Dev, और ऑस्ट्रेलिया के कप्तान Pat Cummins समेत दुनिया भर के 21 पूर्व अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट कप्तानों ने उनके मानवीय इलाज और बेहतर चिकित्सा सुविधा की मांग का समर्थन किया है। इस मामले पर इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने भी अपनी जेल के अन्य कैदियों की याचिकाओं पर फैसला सुरक्षित रख लिया है।

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