भारत और बांग्लादेश के बीच एविएशन और कार्गो बढ़ाने पर हुई खास बैठक, कई मुद्दों पर बनी सहमति.

भारत और बांग्लादेश के बीच आपसी रिश्तों को मजबूत करने की दिशा में एक और बड़ा कदम उठाया गया है। दोनों देशों के प्रतिनिधियों ने ढाका में एक औपचारिक बैठक के दौरान सिविल एविएशन, एयर कनेक्टिविटी और एयर कार्गो क्षमता को बढ़ाने को लेकर विस्तार से चर्चा की। यह मीटिंग दोनों पड़ोसी देशों के बीच आपसी सहयोग को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए आयोजित की गई थी।
ढाका में हुई उच्च स्तर की बैठक
यह महत्वपूर्ण बैठक 16 सितंबर 2026 को बांग्लादेश की राजधानी ढाका में आयोजित की गई थी। इस बैठक में भारत के हाई कमिश्नर दिनेश त्रिवेदी और बांग्लादेश के सिविल एविएशन और टूरिज्म मंत्री एम रशीदुজ্জামান मिल्लत आमने-सामने बैठे थे। भारतीय उच्च आयोग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी देते हुए बताया कि दोनों नेताओं के बीच कई अहम मुद्दों पर बातचीत हुई। इसमें मुख्य रूप से हवाई संपर्क को बेहतर करना, माल ढुलाई यानी एयर कार्गो की क्षमता को बढ़ाना और आपसी कामकाजी तंत्र को सुधारना शामिल था। इसके अलावा पर्यटन को बढ़ावा देने पर भी दोनों पक्षों ने जोर दिया।
अन्य मंत्रियों के साथ भी हुई कूटनीतिक चर्चा
इस कूटनीतिक दौरे के दौरान भारतीय दूत दिनेश त्रिवेदी ने बांग्लादेश सरकार के कई अन्य वरिष्ठ अधिकारियों और मंत्रियों से भी मुलाकात की। इससे पहले 13 सितंबर 2026 को उन्होंने प्रधानमंत्री के पॉलिसी और स्ट्रेटजी सलाहकार जाहेद उर रहमान से मुलाकात की थी। इस दौरान दोनों देशों के बीच जन-से-जन के संबंधों को और अधिक मजबूत करने पर जोर दिया गया ताकि दोनों जीवंत लोकतंत्र मिलकर काम कर सकें।
उसी दिन यानी 13 सितंबर को भारतीय उच्चायुक्त ने बांग्लादेश के जल संसाधन मंत्री मो. शहिदुद्दीन चौधरी अनीस से भी मुलाकात की। इस बैठक में राज्य मंत्री फरहाद हुसैन आजाद भी मौजूद रहे। दोनों पक्षों ने आम जनता की उम्मीदों को पूरा करने के लिए द्विपक्षीय संबंधों को गहराई देने की जरूरत पर सहमति जताई।
रक्षा और सैन्य सहयोग पर भी हुई बात
इस बैठकों के सिलसिले में 9 सितंबर 2026 का दिन भी काफी अहम रहा, जब दिनेश त्रिवेदी ने रक्षा और सशस्त्र बल डिवीजन के प्रधानमंत्री के सलाहकार ए के एम शमुल इस्लाम से मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों की सेनाओं के बीच मजबूत रिश्तों को रेखांकित किया गया। रक्षा क्षेत्र में आपसी सहयोग को और अधिक व्यापक बनाने के लिए कई विषयों पर विचार-विमर्श किया गया। दोनों ही पक्षों ने स्पष्ट किया कि वे आपसी हितों से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में मिलकर काम करना जारी रखेंगे ताकि क्षेत्र में सुरक्षा और स्थिरता बनी रहे।