भारत और साइप्रस ने की पहली संयुक्त समुद्री समिति की बैठक
India and Cyprus held their first Joint Maritime Committee meeting in Limassol to boost shipping ties, green shipping, and maritime education.

भारत और साइप्रस के बीच द्विपक्षीय संबंधों को एक नया आयाम देते हुए पहली संयुक्त समुद्री समिति (JMC) की बैठक का आयोजन किया गया। यह महत्वपूर्ण बैठक साइप्रस के लिमासोल शहर में संपन्न हुई, जिसने दोनों देशों के बीच समुद्री सहयोग के एक नए अध्याय की शुरुआत की है। इस बैठक का उद्देश्य व्यापारिक जहाज़ानी और समुद्री क्षेत्रों में आपसी साझेदारी को और अधिक मजबूत करना है।
किन मुद्दों पर हुई चर्चा?
भारतीय प्रतिनिधिमंडल और साइप्रस के अधिकारियों के बीच चार दिवसीय आधिकारिक दौरे के दौरान कई अहम मुद्दों पर विस्तार से बातचीत हुई। बैठक में दोनों पक्षों ने निम्नलिखित प्रमुख विषयों पर अपने विचार साझा किए:
- समुद्री शिक्षा और नाविकों के प्रशिक्षण में सुधार।
- जहाज़ मरम्मत, रीसाइक्लिंग और शिपिंग फाइनेंस में निवेश के अवसर।
- हरित नौवहन (Green Shipping) और सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान-प्रदान।
- अंतर्राष्ट्रीय समुद्री संगठन (IMO) के मंच पर आपसी सहयोग को बढ़ावा देना।
भविष्य की रणनीतियां और व्यापारिक मंच
बैठक के दौरान दोनों देशों ने संस्थागत संबंधों को और प्रगाढ़ करने के लिए कई कदम उठाए। भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने साइप्रस शिपिंग चैंबर, बंदरगाह प्राधिकरण और प्रमुख समुद्री संस्थानों के साथ भी सार्थक बैठकें कीं। इसके अलावा, आगामी नवंबर 2026 में मुंबई में आयोजित होने वाले एक बड़े समुद्री व्यापार मंच और साइप्रस के उप-मंत्रियों के संभावित भारत दौरे की तैयारियों की भी समीक्षा की गई।
यह ऐतिहासिक कदम दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के उस साझा दृष्टिकोण को दर्शाता है जिसके तहत वे रणनीतिक और आर्थिक संबंधों को लगातार नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।