भारत-नेपाल सीमा सुरक्षा को लेकर एसएसबी और एपीएफ की हुई संयुक्त बैठक, तस्करी रोकने के लिए बनी खास रणनीति

भारत और नेपाल की खुली सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने तथा अवैध तस्करी जैसी गतिविधियों पर पूरी तरह से रोक लगाने के लिए हाल ही में एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया है। 29 अगस्त को किशनगंज जिले के टेढ़ागाछ प्रखंड के अंतर्गत आने वाली सीमा चौकी पेकटोला पर सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की 12वीं वाहिनी और नेपाल के सशस्त्र पुलिस बल (एपीएफ) के अधिकारियों के बीच यह उच्चस्तरीय संयुक्त बैठक संपन्न हुई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों के बीच आपसी तालमेल को बेहतर करना और सीमावर्ती इलाकों में हो रही संदिग्ध गतिविधियों पर लगाम लगाना था ताकि आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
सीमा पर सुरक्षा और गश्त को लेकर बनी सहमति
बैठक की अध्यक्षता 12वीं वाहिनी एसएसबी के द्वितीय कमांडेंट पवन कुमार ने की। उन्होंने नेपाल के एपीएफ अधिकारियों और जवानों का गर्मजोशी से स्वागत किया और दोनों देशों के सुरक्षा बलों के बीच चल रहे पुराने और मजबूत सहयोग की सराहना की। इस दौरान नेपाल एपीएफ की तरफ से डीएसपी विकास भुजेल समेत तीन प्रमुख अधिकारियों ने इस बैठक में हिस्सा लिया। दोनों पक्षों के बीच यह सहमति बनी कि भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा बल लगातार संयुक्त पेट्रोलिंग यानी गश्त करेंगे ताकि किसी भी तरह की अवैध गतिविधि को तुरंत रोका जा सके। सीमा क्षेत्र में होने वाले अनावश्यक आवागमन और संदिग्ध लोगों की गतिविधियों पर कड़ी नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
पहचान पत्रों की होगी सख्त जांच और तस्करी पर प्रहार
अधिकारियों ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि सीमा पार करने वाले हर एक व्यक्ति के पहचान पत्रों की जांच में पूरी सतर्कता बरती जाए। खुली सीमा होने के कारण घुसपैठ और अन्य गैर-कानूनी कामों का खतरा हमेशा बना रहता है, इसलिए दोनों बलों ने आपसी सूचना तंत्र को और अधिक मजबूत करने का फैसला किया है। यदि किसी भी सुरक्षा बल को कोई भी संदिग्ध सूचना मिलती है, तो वे तुरंत एक-दूसरे के साथ जानकारी साझा करेंगे ताकि समय रहते त्वरित कार्रवाई की जा सके। इसके अलावा, तस्करी के मामलों को जड़ से खत्म करने के लिए भी एक साझा कार्ययोजना पर गंभीर चर्चा की गई है।
साइबर अपराध और धोखाधड़ी से निपटने के लिए नई रणनीति
आज के समय में केवल भौगोलिक सीमा पार होने वाले अपराध ही नहीं, बल्कि नए तरह के अपराध भी तेजी से बढ़ रहे हैं। इस बैठक में आधुनिक समय की चुनौतियों जैसे कि साइबर अपराध और धोखाधड़ी से निपटने के लिए भी संयुक्त रणनीति बनाने पर विचार-विमर्श किया गया। दोनों देशों के अधिकारियों ने माना कि इन आधुनिक अपराधों को रोकने के लिए पुलिस और सुरक्षा बलों के बीच त्वरित सूचनाओं का आदान-प्रदान बहुत जरूरी है। बैठक के अंत में द्वितीय कमांडेंट पवन कुमार ने नेपाल के सभी अधिकारियों और जवानों का धन्यवाद किया और उम्मीद जताई कि इस तरह के आपसी मेल-मिलाप से सीमावर्ती इलाकों में शांति और कानून व्यवस्था हमेशा बनी रहेगी। इस पूरी बैठक की जानकारी हिन्दुस्थान समाचार के माध्यम से सामने आई है।