Gulf Travel Update: भारत से गल्फ जाने वाले यात्रियों के लिए बड़ा नियम, 1 सितंबर से नहीं चाहिए प्रिंटेड बोर्डिंग पास.

Aanya28 August 20263 min read15 viewsEnglish
Gulf Travel Update: भारत से गल्फ जाने वाले यात्रियों के लिए बड़ा नियम, 1 सितंबर से नहीं चाहिए प्रिंटेड बोर्डिंग पास.

भारत से खाड़ी देशों यानी UAE, Saudi Arabia, Qatar, Kuwait, Bahrain और Oman की यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए एक बहुत बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। भारतीय आव्रजन ब्यूरो यानी Bureau of Immigration ने आगामी 1 सितंबर 2026 से एक नया और डिजिटल नियम लागू करने की घोषणा की है। इस नए बदलाव के तहत अब यात्रियों को इमीग्रेशन काउंटर पर किसी भी तरह का प्रिंटेड बोर्डिंग पास दिखाने की बिल्कुल भी जरूरत नहीं होगी। सरकार के इस कदम से उन लाखों भारतीय प्रवासियों और कामगारों को बड़ी राहत मिलेगी जो अक्सर भारत और गल्फ के बीच आवाजाही करते रहते हैं।

डिजिटल बोर्डिंग पास और स्टैम्पिंग प्रक्रिया में बदलाव

भारतीय आव्रजन ब्यूरो के इस नए आदेश के अनुसार, अब पारंपरिक कागज वाले बोर्डिंग पास की अनिवार्यता को खत्म करते हुए मोबाइल ई-बोर्डिंग पास को आधिकारिक रूप से मान्यता दी जाएगी। इसके साथ ही, इमीग्रेशन क्लीयरेंस के दौरान बोर्डिंग पास पर मुहर यानी फिजिकल स्टैम्प लगाने की पुरानी प्रथा को भी हमेशा के लिए बंद कर दिया जाएगा। हालांकि, यदि कोई यात्री भौतिक यानी प्रिंटेड बोर्डिंग पास का उपयोग करना चाहता है, तो वह कागजी पास भी इमीग्रेशन काउंटर पर वैध रहेगा और स्वीकार किया जाएगा, बस उस पर अब इमीग्रेशन का कोई स्टैम्प नहीं लगाया जाएगा। इस पूरी व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य कागजी कार्रवाई को कम करना और हवाई अड्डों पर यात्रियों के समय को बचाना है।

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इन प्रमुख हवाई अड्डों पर मिलेगा सीधा फायदा

यह नई डिजिटल सुविधा भारत के कई प्रमुख अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों पर यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए विशेष रूप से फायदेमंद साबित होगी। इसमें कोच्चि, कोझिकोड, तिरुवनंतपुरम, चेन्नई, हैदराबाद, बेंगलुरु, मुंबई, दिल्ली, लखनऊ और अहमदाबाद के हवाई अड्डे शामिल हैं। इन सभी एयरपोर्ट्स से गल्फ देशों के लिए बड़ी संख्या में उड़ानें संचालित होती हैं, जिससे यात्रा करने वाले आम परिवारों और नौकरीपेशा लोगों को अब लंबी लाइनों और कागजी झंझटों से छुटकारा मिलेगा। इसके अलावा, जो यात्री फास्ट ट्रैक इमीग्रेशन-ट्रस्टेड ट्रैवलर प्रोग्राम यानी FTI-TTP के तहत रजिस्टर्ड हैं, वे ई-गेट्स पर अपने ई-बोर्डिंग पास का आसानी से उपयोग कर सकेंगे। वहीं, जो लोग इस प्रोग्राम में शामिल नहीं हैं, वे सामान्य इमीग्रेशन काउंटर्स पर इस डिजिटल विकल्प का लाभ उठा सकते हैं।

यात्रियों के लिए जरूरी सलाह और अन्य नियम

आव्रजन ब्यूरो ने सभी यात्रियों को यह सलाह दी है कि हवाई अड्डे पर पहुंचने से पहले वे अपने बोर्डिंग पास को अपने फोन में ऑफलाइन सेव करके रखें, ताकि नेटवर्क कमजोर होने, फोन की बैटरी खत्म होने या फिर किसी एप्लीकेशन में तकनीकी खराबी आने पर किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह पूरा बदलाव केवल बोर्डिंग पास की आवश्यकताओं और उस पर लगने वाले स्टैम्प से जुड़ा हुआ है। इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि पासपोर्ट, वीजा, रेजिडेंस परमिट या अन्य जरूरी यात्रा दस्तावेज अब नहीं दिखाने होंगे। विमानन कंपनियों और इमीग्रेशन अधिकारियों द्वारा सभी आवश्यक दस्तावेजों की जांच हमेशा की तरह मौजूदा नियमों के अनुसार ही की जाएगी। यात्रियों को एयरलाइन के चेक-in समय, लगेज ड्रॉप के समय और सुरक्षा जांच के सभी नियमों का कड़ाई से पालन करना होगा। इस पूरी प्रक्रिया का उद्देश्य केवल पेपर हैंडलिंग को कम करना और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के सफर को और अधिक आसान बनाना है।

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