नेपाल में भीषण बाढ़ का कहर, भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ, 108 भारतीय नागरिक सुरक्षित बचाए गए.

Nura Basta29 August 20263 min read16 viewsIndia
नेपाल में भीषण बाढ़ का कहर, भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ, 108 भारतीय नागरिक सुरक्षित बचाए गए.

नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ और भारी तबाही के बाद भारत सरकार ने अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने और राहत सामग्री पहुंचाने का काम बहुत तेजी से शुरू कर दिया है। 26 अगस्त 2026 को नेपाल के भोटे कोशी नदी इलाके में अचानक आए तेज सैलाब के बाद भारत लगातार नेपाल की मदद में जुटा हुआ है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने शनिवार 29 अगस्त 2026 को रात 10:30 बजे यह जानकारी दी कि अब तक कुल 108 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया है। इसके अलावा 50 भारतीयों से संपर्क फिर से जुड़ गया है, जबकि 275 भारतीय नागरिकों और 128 भारतीय मूल के लोगों (PIOs) की तलाश के लिए बचाव अभियान लगातार जारी है। इस बारे में अधिक जानकारी विदेश मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट पर साझा की गई है।

भारतीय वायुसेना की मदद और राहत सामग्री

विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने बताया कि भारतीय वायुसेना का चौथा विमान 11 टन जरूरी राहत सामग्री लेकर काठमांडू पहुंच चुका है। भारत अब तक कुल 62 टन राहत सहायता नेपाल भेज चुका है। इसमें 230 फीट लंबे सिंगल लेन मॉड्यूलर स्टील ब्रिज के जरूरी हिस्से भी शामिल हैं। इसके अलावा सात और बेली ब्रिज भेजने की तैयारी चल रही है। सुरंग में फंसे लोगों को निकालने के लिए एक विशेष भारतीय तकनीकी टीम 28 अगस्त को नेपाल पहुंच गई थी और उसने 29 अगस्त से अपना काम भी शुरू कर दिया है। इस पूरी राहत प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी एएनआई न्यूज रिपोर्ट में दी गई है।

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नेपाल के मंत्रियों ने की भारत की तारीफ

नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने बताया कि भारत की तरफ से नेपाल को 57 टन से ज्यादा राहत सामग्री मिल चुकी है। वहीं नेपाल के वित्त मंत्री स्वर्णिम वाग्ले ने भारत के इस सहयोग की बहुत तारीफ की और इसे दिल खोलकर की गई मदद बताया। उन्होंने यह भी बताया कि देश में बाढ़ से हुए नुकसान के बाद दोबारा निर्माण का खर्च करीब 4 से 5 अरब डॉलर के बीच आने का अनुमान है। नेपाल के राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने भारतीय राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को फोन करके इस मुश्किल समय में साथ खड़े रहने के लिए शुक्रिया अदा किया है। इस बाढ़ की वजह से नेपाल में मरने वालों की संख्या बढ़कर 675 हो गई है और 2,000 से ज्यादा लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। शवों की पहचान करने और डीएनए जांच में मदद के लिए भारत ने अपने छह फोरेंसिक विशेषज्ञों के दल को भी नेपाल भेज दिया है। इस संबंध में पूरी खबर न्यूज ऑन एयर पर प्रकाशित की गई है।

चीन सीमा और अन्य इलाकों से लोगों की वापसी

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने यह भी जानकारी दी कि चीन की तरफ से 598 भारतीय नागरिक सुरक्षित नेपाल पहुंच चुके हैं। बीजिंग स्थित भारतीय दूतावास चीन में मौजूद लगभग 900 अन्य भारतीयों के संपर्क में लगातार बना हुआ है। हाल ही में जिन्हें बचाया गया है उनमें रिपु कुमार, चानेश्वर नारजारी, कृपा शंकर और मोहम्मद मिन्हाजुद्दीन शामिल हैं, जिन्हें रसुवा जिले की एक हाइड्रोपावर परियोजना से सुरक्षित निकाला गया। इसके अलावा तमिलनाडु के 21 भारतीय नागरिक जिन्हें पहले ही बचा लिया गया था, वे अब सुरक्षित दिल्ली पहुंच चुके हैं। भारत सरकार और दूतावास मिलकर हर एक नागरिक की सुरक्षा सुनिश्चित करने में लगे हुए हैं ताकि किसी भी फंसे हुए व्यक्ति को जल्द से जल्द सुरक्षित उसके घर पहुंचाया जा सके।

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