नेपाल में भयानक बाढ़ का कहर, भारत सरकार ने भेजी 10 टन राहत सामग्री और दवाइयां

नेपाल में हाल ही में आए विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है, जिससे आम जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है। इस मुश्किल समय में भारत ने पड़ोसी होने का फर्ज निभाते हुए तत्काल मदद का हाथ बढ़ाया है और नेपाल को 10 टन मानवीय सहायता पहुंचाई है। इस राहत पैकेज में जरूरी दवाइयां और अन्य आवश्यक सामग्री शामिल हैं, जो आपदा प्रभावित लोगों तक पहुंचाई जा रही हैं। भारतीय वायुसेना के C-130J विमान के जरिए यह मदद नेपाल की राजधानी पहुंचाई गई, जिसे आधिकारिक तौर पर 27 अगस्त 2026 को सौंपा गया।
भारत सरकार ने नेपाल को सौंपी राहत सामग्री
भारत की तरफ से भेजी गई इस जरूरी मदद को नेपाल के संस्कृति, पर्यटन और नागरिक उड्डयन मंत्री खड्का राज पौडेल को आधिकारिक रूप से सौंपा गया। भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने इस राहत सामग्री को नेपाल सरकार के सुपुर्द किया। इस दौरान दोनों देशों के अधिकारियों ने स्थिति का जायजा लिया और प्रभावित इलाकों में तेजी से राहत कार्य चलाने पर जोर दिया। भारतीय वायुसेना के इस विमान ने समय पर पहुंचकर यह साबित कर दिया कि जरूरत के समय भारत हमेशा नेपाल के साथ खड़ा रहता है। इस आपदा के बाद से ही दोनों देशों के बीच लगातार उच्च स्तर पर बातचीत हो रही है ताकि राहत कार्यों में कोई कमी न आए।
बाढ़ और भूस्खलन से भारी जानमाल का नुकसान
नेपाल पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार, 27 अगस्त 2026 तक इस प्राकृतिक आपदा में 157 लोगों की पुष्टि हुई मौत हो चुकी है और 403 लोग अभी भी लापता हैं। इस भयानक आंकड़े में 133 भारतीय नागरिक भी शामिल हैं, जिससे परिवारों में गहरी चिंता का माहौल है। यह तबाही मुख्य रूप से नेपाल के भोतेकोशी नदी क्षेत्र में 26 अगस्त 2026 को आए अचानक फ्लैश फ्लड यानी बाढ़ की वजह से हुई। बाढ़ और भूस्खलन की वजह से मुख्य रूप से रसुवा, नुवाकोट, धाडिंग, चितवन और गोरखा जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। कई इलाके पूरी तरह से कट गए हैं और वहां संपर्क साधना भी मुश्किल हो गया है।
शीर्ष नेताओं ने जताई गहरी संवेदना और एकजुटता
इस बड़ी त्रासदी पर भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बलेंद्र शाह से फोन पर बातचीत की। उन्होंने इस घटना पर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की और नेपाल को हरसंभव मदद देने का पूरा भरोसा दिलाया। इसके अलावा, भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने भी बयान जारी कर कहा कि इस कठिन समय में भारत नेपाल के लोगों के साथ पूरी मजबूती से खड़ा है। नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने जानकारी दी कि उनकी सरकार इस आपदा के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए चीनी अधिकारियों के साथ भी संपर्क में है, क्योंकि यह आपदा कोडारी के उत्तर-पश्चिम में हुए भूस्खलन से जुड़ी हुई बताई जा रही है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिल रही है मदद
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भारतीय वायुसेना ने अपने अन्य बड़े विमानों जैसे C-17 और C-130 के साथ-साथ हेलीकॉप्टरों को भी पूरी तरह से अलर्ट मोड पर रखा है ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा सके। सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने भी नेपाल की मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। अमेरिका ने इस संकट से निपटने के लिए 500,000 डॉलर की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है और अपना आपदा प्रतिक्रिया सलाहकार भी तैनात किया है। नेपाल की राजनीतिक पार्टी आरएसपी के प्रवक्ता जगदीश खरेल ने इस क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मदद की सराहना करते हुए इसे बचाव और राहत कार्यों के लिए बेहद जरूरी बताया है। आप इस पूरी आपदा और राहत सामग्री से जुड़ी अन्य जानकारी ANI News रिपोर्ट में विस्तार से पढ़ सकते हैं।