अजमान में गैस सिलेंडर फटने से भारतीय मूल के कुक की मौत, 25 साल से यूएई में कर रहे थे काम.

Sushma Kumari31 August 20263 min read19 viewsUAE
अजमान में गैस सिलेंडर फटने से भारतीय मूल के कुक की मौत, 25 साल से यूएई में कर रहे थे काम.

यूएई के Ajman शहर में एक दर्दनाक हादसा सामने आया है, जहां गैस सिलेंडर में अचानक हुए भीषण विस्फोट की वजह से एक 50 साल के भारतीय कुक की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान केरल के कासरगोड जिले के उदुमा वेस्ट के रहने वाले Basheer के रूप में हुई है, जो पिछले 25 सालों से संयुक्त अरब अमीरात में रहकर अपनी रोजी-रोटी कमा रहे थे। इस दुखद घटना ने न सिर्फ उनके परिवार को पूरी तरह झकझोर कर रख दिया है, बल्कि वहां काम करने वाले अन्य प्रवासियों के दिलों में भी डर और चिंता पैदा कर दी है कि कैसे छोटी सी लापरवाही या तकनीकी खराबी किसी की जान ले सकती है।

कैसे हुआ यह भयानक हादसा

घटना शुक्रवार सुबह 31 अगस्त 2026 की है जब बशीर सुपरमार्केट के स्टाफ के लिए खाना बनाने का काम कर रहे थे। इसी दौरान वहां रखे स्टोव में आग लग गई और देखते ही देखते आग इतनी बेकाबू हो गई कि उसे बुझाना मुश्किल हो गया। हालात को संभालते हुए बशीर ने तुरंत अपने मैनेजर को मदद के लिए बुलाया। जब दोनों लोग मिलकर वहां से बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे, तभी अचानक गैस सिलेंडर जोरदार धमाके के साथ फट गया। इस खतरनाक विस्फोट की ताकत इतनी ज्यादा थी कि बशीर और उनके साथ मौजूद दूसरा कर्मचारी दोनों दूर जाकर एक पास की दीवार से जा टकराए। सिर पर गंभीर चोटें लगने के कारण बशीर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा कर्मचारी बुरी तरह घायल हो गया जिसे तुरंत इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।

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परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

इस हादसे ने बशीर के परिवार को अंदर से तोड़कर रख दिया है। कुछ समय पहले ही बशीर के बेटे Shanifar को उसी कंपनी की जेबल अली ब्रांच में नौकरी मिली थी, जिससे परिवार को एक नई उम्मीद मिली थी। इसके अलावा, बशीर की पत्नी Khairunnisa हादसे से ठीक एक हफ्ते पहले ही भारत लौटी थीं। खास बात यह है कि पति के 25 साल के लंबे कार्यकाल के दौरान यूएई की यह उनकी पहली यात्रा थी। बशीर अपने पीछे पत्नी खैरुन्निसा और बच्चे शिफार, बुशरा और बुशताना को रोता-बिलखता छोड़ गए हैं। फिलहाल उनका शव Ajman Police Mortuary में रखा गया है और जरूरी कानूनी कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद उनके पार्थिव शरीर को भारत वापस भेजने की प्रक्रिया चल रही है.

कानूनी प्रक्रिया और आधिकारिक सहायता

विदेश में रहने वाले भारतीयों की मदद के लिए भारत सरकार के निकाय पूरी तरह सतर्क रहते हैं। दुबई स्थित Consulate General of India, जो अजमान, दुबई, शारजाह, फुजैरा, रास अल खैमाह और उम्म अल कुवेन के मामलों को देखता है, ने सहायता के लिए +971-50-7347676 नंबर जारी किया है जिसपर फोन या व्हाट्सएप के जरिए संपर्क किया जा सकता है। इसके अलावा प्रवासी भारतीय सहायता केंद्र के टोल-फ्री नंबर 800 46342 पर भी मदद ली जा सकती है। यूएई के कानून UAE Federal Decree Law No. 33 of 2021, Article 15(3) के तहत यह नियम है कि यदि परिवार चाहे तो किसी कर्मचारी की मौत होने पर उसके शव को उसके देश भेजने का सारा खर्च कंपनी या नियोक्ता को ही उठाना पड़ता है। वाणिज्य दूतावास ने यह भी सलाह दी है कि किसी भी अनजान या unauthorized एजेंट को पैसे न दें और यदि कंपनी या बीमा खर्च न उठाए तो Indian Community Welfare Fund की मदद लें। शव को वापस भेजने के लिए डेथ नोटिफिकेशन, ओरिजिनल पासपोर्ट, परिवार की मंजूरी और एयरलाइन कार्गो बुकिंग जैसे दस्तावेजों की जरूरत होती है.

रसोई घर में सुरक्षा के उपाय

इस तरह के हादसों से बचने के लिए सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि जब भी गैस लीक होने का शक हो, तो तुरंत बिजली के स्विच या स्पार्क से दूर रहें, गैस की सप्लाई बंद कर दें, हवा आने-जाने के रास्ते खोल दें और तुरंत उस जगह से बाहर निकल जाएं। कमर्शियल रसोईघरों में गैस की पाइप और रेगुलेटर की नियमित जांच करना बेहद जरूरी है ताकि भविष्य में ऐसी किसी भी अनहोनी को समय रहते रोका जा सके।

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