ओमान तट के पास टैंकर पर हमला: भारतीय चालक दल के सदस्य सुरक्षित बचाए गए

ओमान तट के पास एक टैंकर पर हमले के बाद 17 भारतीय चालक दल के सदस्यों को बचाया गया। हुथियों ने रियाद एयरपोर्ट को भी निशाना बनाया।

Vandana Upadhyay7 October 20262 min read13 viewsOman
ओमान तट के पास टैंकर पर हमला: भारतीय चालक दल के सदस्य सुरक्षित बचाए गए

ओमान के तट पर एक बड़ा हादसा हुआ है, जहां एक पनामा-ध्वज वाले टैंकर 'MT On Peace' पर प्रोजेक्टाइल से हमला किया गया। इस हमले के बाद जहाज पर भीषण आग लग गई, जिससे चालक दल के सदस्य संकट में फंस गए। राहत की बात यह है कि ओमान के रक्षा मंत्रालय ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अपनी वायुसेना के जरिए 10 क्रू मेंबर्स को सुरक्षित बाहर निकाल लिया और उन्हें इलाज के लिए खसब अस्पताल पहुंचाया।

भारत के विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि इस जहाज पर सवार 19 सदस्यों में से 17 भारतीय नागरिक थे। इस हमले में कुल 12 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से 11 भारतीय हैं। भारत सरकार ने इस कायराना हमले की कड़ी निंदा की है और मांग की है कि नागरिक बुनियादी ढांचे और नाविकों के खिलाफ हिंसा तुरंत बंद की जाए ताकि समुद्र में सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित हो सके।

रियाद एयरपोर्ट पर हुथियों का हमला और क्षेत्रीय तनाव

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एक तरफ जहां ओमान में बचाव कार्य चल रहा था, वहीं दूसरी ओर हुथी विद्रोहियों ने सऊदी अरब के रियाद स्थित किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बैलिस्टिक मिसाइल हमले का दावा किया। हुथी प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सारी के अनुसार, इस हमले से हवाई यातायात प्रभावित हुआ। हालांकि, सऊदी गठबंधन के मेजर जनरल तुर्की अल-मल्की ने बताया कि उत्तरी रियाद की ओर आने वाली मिसाइल को समय रहते इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया गया।

क्षेत्र में तनाव इस कदर बढ़ गया है कि पिछले एक हफ्ते में होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में कम से कम सात टैंकरों से जुड़ी घटनाएं सामने आई हैं। इस अस्थिरता का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी दिख रहा है, जहां ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़कर 101.51 डॉलर के करीब पहुंच गई हैं। इसके अलावा, सुरक्षा जोखिमों के कारण जहाजों के बीमा और चालक दल के जोखिम भत्ते में भारी उछाल आया है।

यह पूरी स्थिति 5 अक्टूबर को शुरू हुए "ऑपरेशन डॉन ऑफ यमन" के बाद और गंभीर हो गई है, जिसमें 100 लड़ाकू विमानों के जरिए सरकारी जवाबी कार्रवाई की जा रही है। इस बीच, कतर और ईरान के बीच राजनयिक प्रयास जारी हैं ताकि तनाव को कम किया जा सके, लेकिन क्षेत्र में हवाई और समुद्री यात्राएं अभी भी जोखिम भरी बनी हुई हैं।

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