यूएई जाने और वहां रहने वाले भारतीयों के लिए दूतावास ने जारी की मेडिकल इंश्योरेंस की जरूरी एडवाइजरी

अबू धाबी और दुबई स्थित भारतीय दूतावास ने यूएई में रहने वाले और आने वाले भारतीयों को मेडिकल इंश्योरेंस लेने की सलाह दी है।

Pankhuri Motani28 October 20262 min read0 viewsUAE
यूएई जाने और वहां रहने वाले भारतीयों के लिए दूतावास ने जारी की मेडिकल इंश्योरेंस की जरूरी एडवाइजरी

अबू धाबी: संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में आने वाले और वहां रहने वाले सभी भारतीय नागरिकों के लिए भारतीय दूतावास और काउंसलेट जनरल ने एक जरूरी एडवाइजरी जारी की है। इसमें सभी भारतीयों से व्यापक मेडिकल इंश्योरेंस लेने का आग्रह किया गया है।

27 अक्टूबर 2026 को अबू धाबी स्थित भारतीय दूतावास और दुबई व उत्तरी अमीरात के काउंसलेट जनरल ने यह संयुक्त निर्देश जारी किए। यह कदम उन रिपोर्टों के बाद उठाया गया है जिनमें अचानक दुर्घटना या बीमारी के कारण लोगों को अस्पताल के भारी खर्चों का सामना करना पड़ा। कई मामलों में इंश्योरेंस न होने या कवरेज कम होने की वजह से मुश्किलें बढ़ गईं।

दूतावास ने यूएई आने वाले पर्यटकों को सलाह दी है कि वे अपनी यात्रा शुरू करने से पहले यह सुनिश्चित कर लें कि उनके ट्रैवल इंश्योरेंस में कैशलेस मेडिकल सुविधाएं शामिल हों। साथ ही, इसमें भारत वापस भेजने (मेडिकल रिपेट्रिएशन) का प्रावधान भी होना चाहिए।

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यूएई में रहने वाले निवासियों से कहा गया है कि वे अपनी मौजूदा पॉलिसी की अच्छी तरह जांच करें। उन्हें यह देखना चाहिए कि उनकी पॉलिसी में यूएई के भीतर होने वाले सभी मेडिकल खर्चों और रिपेट्रिएशन लागतों का पूरा कवरेज है या नहीं।

कांसुलर अधिकारियों ने प्रवासियों को इंश्योरेंस एग्रीमेंट की बारीकियों को पढ़ने की सलाह दी है। उन्होंने विशेष रूप से उन चीजों की जांच करने को कहा है जो पॉलिसी के दायरे से बाहर हैं, लाभ की सीमा क्या है और कौन से अस्पताल इस नेटवर्क से जुड़े हैं।

अधिकारियों ने बताया कि यूएई में स्वास्थ्य सेवाएं उच्च गुणवत्ता की हैं, लेकिन इनका खर्च काफी ज्यादा है। कई प्रवासी अपने नियोक्ता (Employer) द्वारा दिए गए इंश्योरेंस पर निर्भर रहते हैं, जिसमें अक्सर आश्रितों के कवरेज या रिपेट्रिएशन सेवाओं की कमी हो सकती है।

मिशन ने जोर देकर कहा कि अपर्याप्त कवरेज के कारण गंभीर वित्तीय संकट पैदा हो सकता है या इलाज मिलने में देरी हो सकती है। दूतावास और काउंसलेट स्थिति पर नजर रख रहे हैं और चिकित्सा आपात स्थिति से प्रभावित लोगों की मदद कर रहे हैं।

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