इंडोनेशिया में ज्वालामुखी फटने के बाद खुले 5 हवाई अड्डे, उड़ानें रद्द होने से यात्रियों को मिलेगा पूरा रिफंड.

इंडोनेशिया में अनाक क्राकाटाऊ ज्वालामुखी विस्फोट के बाद फैली राख की वजह से पिछले दो दिन से बंद पड़े पांच प्रमुख हवाई अड्डों को आखिरकार मंगलवार सुबह फिर से खोल दिया गया है। इन हवाई अड्डों के बंद रहने की वजह से देश और विदेश की करीब 3,000 उड़ानें सीधे तौर पर प्रभावित हुई थीं, जिससे आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। देश के परिवहनमंत्री डूडी पुरवागांधी ने खुद इस बात की पुष्टि की है कि सरकार ने स्थिति में सुधार आने के बाद यह बड़ा कदम उठाया है। हालांकि, खतरे को पूरी तरह टला हुआ नहीं मानते हुए प्रशासन ने अभी भी सावधानी बरतने के पूरे इंतजाम किए हैं और सुरक्षा पर कड़ी नजर रखी जा रही है ताकि किसी भी यात्री को कोई जोखीम न उठाना पड़े।
कौन-कौन से एयरपोर्ट हुए शुरू और कितनों पर है पाबंदी
सरकारी न्यूज एजेंसी अंतारा की रिपोर्ट के मुताबिक, परिवहनमंत्री डूडी पुरवागांधी ने जानकारी दी कि जकार्ता का सुकर्णो-हट्टा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, हलीम पेरदानकुसुमा हवाई अड्डा, पश्चिम जावा के बांडुंग शहर में स्थित हुसैन सास्त्रानेगारा हवाई अड्डा और बांतन प्रांत के दो छोटे हवाई अड्डों को रात बारह बजे के कुछ देर बाद ही दोबारा खोल दिया गया था। इन सभी जगहों पर मंगलवार को स्थानीय समयानुसार रात 12:01 बजे से कामकाज दोबारा शुरू कर दिया गया, जिसके बाद विमानों की आवाजाही फिर से पटरी पर लौटने लगी। हालांकि, हालात पूरी तरह सामान्य नहीं होने के कारण तीन अन्य हवाई अड्डे स्थानीय समयानुसार सुबह 10 बजे तक पूरी तरह बंद रखे गए थे ताकि सुरक्षा की कोई भी चूक न रह जाए।
यात्रियों की परेशानी और उड़ानों का भारी नुकसान
रविवार और सोमवार को लगातार दो दिन तक हवाई अड्डा बंद रहने के कारण कुल 2,961 उड़ानें बुरी तरह प्रभावित हुईं। इन रद्द और प्रभावित होने वाली उड़ानों में कुल 622 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें भी शामिल थीं, जिससे दूसरे देशों से आने-जाने वाले यात्रियों की मुश्किलें बहुत ज्यादा बढ़ गईं। इस प्राकृतिक आपदा के चलते कुल 3,41,000 यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी और उन्हें एयरपोर्ट पर ही लंबा इंतजार करना पड़ा या अपने सफर के प्लान में अचानक बदलाव करना पड़ा। परिवहनमंत्री ने बताया कि सोमवार दोपहर 12:10 बजे मिली ताजा जानकारी के अनुसार, इस खतरनाक ज्वालामुखी की राख हवा में लगभग 15,000 फीट की ऊंचाई तक ऊपर जाती हुई देखी गई थी, जिसके कारण आसमान में उड़ना किसी बड़े खतरे से खाली नहीं था।
सरकार का यात्रियों के लिए बड़ा ऐलान और राहत
इस बड़ी उठापटक के बीच इंडोनेशियाई सरकार ने प्रभावित होने वाले यात्रियों के लिए मुआवजे और राहत का भी आधिकारिक ऐलान किया है। परिवहनमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि जिन लोगों की उड़ानें पूरी तरह रद्द कर दी गई हैं, उन सभी यात्रियों को नियमों के तहत उनके टिकट का पूरा यानी 100 प्रतिशत रिफंड वापस दिया जाएगा ताकि उन्हें पैसों का नुकसान न उठाना पड़े। इसके अलावा, सरकार ने उन विदेशी नागरिकों को भी बड़ी राहत देने का फैसला किया है जो फ्लाइट्स रद्द होने की वजह से अपने देश वापस नहीं जा पाए और वीजा की मियाद खत्म होने के बाद भी वहीं रुके हुए हैं। ऐसे विदेशी नागरिकों को इमिग्रेशन विभाग की तरफ से विशेष छूट दी जाएगी ताकि उन्हें कानूनी पचड़ों या जुर्माने का सामना न करना पड़े। सरकार का यह कदम उन सभी लोगों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है जो अचानक आई इस प्राकृतिक आपदा के कारण विदेशों में फंसे रह गए थे।