अमेरिका पर ईरान का बड़ा आरोप, सिरिक में शादी समारोह पर हमले में नागरिकों को बनाया निशाना.

अंतरराष्ट्रीय राजनीति में तनाव एक बार फिर से अपनी चरम सीमा पर पहुंच गया है और आम लोगों की जिंदगी पर इसका गहरा असर देखने को मिल रहा है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने 7 सितंबर 2026 को एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अमेरिका पर गंभीर और कड़े आरोप लगाए। उन्होंने स्पष्ट तौर पर कहा कि अमेरिकी सेना जानबूझकर आम नागरिकों को निशाना बना रही है और इस तरह की सैन्य कार्रवाइयां सीधे तौर पर अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन करती हैं। ईरान का यह बयान एक ऐसे समय में आया है जब खाड़ी देशों और मध्य पूर्व के इलाकों में लगातार सैन्य गतिविधियां तेज हो गई हैं, जिससे वहां रहने वाले आम नागरिकों और प्रवासियों के बीच भी चिंता का माहौल बनता जा रहा है।
शादी के जश्न में मातम और घायलों की बढ़ती संख्या
यह पूरा विवाद मुख्य रूप से 1 सितंबर 2026 को हुई एक दर्दनाक घटना के बाद भड़का है। ईरानी अधिकारियों के अनुसार, उस दिन कुहेस्तक के सिरिक इलाके में एक शादी के जश्न पर कथित तौर पर अमेरिकी हवाई हमला हुआ था। इस हमले में बड़ी संख्या में आम लोग हताहत हुए। सरकारी समाचार एजेंसी IRNA द्वारा 6 सितंबर 2026 को जारी की गई तस्वीरों और रिपोर्टों से यह बात सामने आई कि इस भीषण हमले में 4 लोगों की मौत हो गई और कुल 68 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। ईरान का कहना है कि यह हमला किसी सैन्य ठिकाने पर नहीं बल्कि पूरी तरह से एक नागरिक समारोह पर था, जिसमें बेकसूर लोग शामिल थे।
अमेरिका पर इजराइल जैसी रणनीतिक नीति अपनाने का आरोप
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ईरानी प्रवक्ता ने वाशिंगटन प्रशासन पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि अमेरिका अब इजराइल की राह पर चल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका भी नागरिकों को व्यवस्थित तरीके से निशाना बनाने की नीति अपना रहा है। पिछले छह महीनों से लगातार जारी सैन्य आक्रामकता, आर्थिक युद्ध और समुद्री नाकाबंदी का हवाला देते हुए ईरान ने चेतावनी दी है कि वह अपनी सुरक्षा और संप्रभुता के लिए हर जरूरी कदम उठाएगा। इसके अलावा, ईरान ने तीन ऐसे यूरोपीय देशों को भी चेतावनी दी है जिनकी तरफ से हाल ही में अनुचित कदम उठाए गए हैं। इसी बीच, ईरान और ओमान के बीच हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर एक नए समझौते की बात भी सामने आई है, जिसे अंतरराष्ट्रीय समुद्री संगठन के पास पंजीकृत किया जाएगा।
अन्य हमलों का जिक्र और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सवाल
तनाव का यह दौर पिछले कुछ दिनों से लगातार गहराता जा रहा है। इससे पहले 6 सितंबर को इस्लामिक सहयोग संगठन यानी OIC में ईरान के मिशन ने अमेरिकी सेना की कार्यशैली पर कड़े सवाल उठाए थे। ईरानी प्रतिनिधियों ने पूछा था कि अमेरिका मिनाब के एक प्राइमरी स्कूल, लामेर्ड के एक स्पोर्ट्स क्लब और कुहेस्तक के शादी समारोह पर हुए हमलों को महज निशाना साधने की गलती कहकर कैसे खारिज कर सकता है। इससे पहले 4 सितंबर को भी Baghaei ने एक बयान जारी कर कहा था कि अमेरिकी हमलों में घनी आबादी वाले रिहायशी इलाकों और जरूरी बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया है। इन सभी अलग-अलग घटनाओं को मिलाकर अब तक कुल 14 लोगों की जान जा चुकी है और 78 लोग घायल हुए हैं, जिसमें अहवाज के पास हुई 3 मौतें भी शामिल हैं।
सैन्य बयान और अमेरिकी प्रतिक्रिया
ईरानी सरकार इन सभी सैन्य कार्रवाइयों को क्रूर युद्ध अपराध मान रही है। खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर के प्रवक्ता Ebrahim Zolfaghari ने 2 सितंबर को यह साफ कर दिया था कि अमेरिकी बलों के खिलाफ उनका अभियान जारी रहेगा। उनका दावा है कि ईरानी जवाबी कार्रवाई से अमेरिकी सेना को भारी नुकसान उठाना पड़ा है। दूसरी तरफ, अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने केवल इतना स्वीकार किया है कि उन्होंने ईरान की एयर डिफेंस, रडार और समुद्री खदान बिछाने वाली संपत्तियों को निशाना बनाया है। हालांकि, अमेरिका ने कभी भी सार्वजनिक रूप से यह स्वीकार नहीं किया है कि उन्होंने जानबूझकर किसी नागरिक ठिकाने पर हमला किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प पहले ही यह कह चुके हैं कि ये अमेरिकी हमले हॉर्मुज जलडमरूमध्य में ईरानी नौसेना द्वारा समुद्री बारूदी सुरंगें बिछाने की कोशिश के जवाब में उठाए गए रक्षात्मक कदम थे। इस पूरे घटनाक्रम से खाड़ी क्षेत्र में काम करने वाले प्रवासियों और आम नागरिकों के बीच सुरक्षा को लेकर एक अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।