बगदाद में ईरानी विदेश मंत्री ने अमेरिका पर शांति प्रयासों को बाधित करने और समझौतों को तोड़ने का लगाया आरोप

ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने बगदाद में अमेरिकी हस्तक्षेप और सैन्य कार्रवाई को शांति वार्ता में बाधा बताया।

Gautam Sahu18 October 20262 min read3 viewsWorld
बगदाद में ईरानी विदेश मंत्री ने अमेरिका पर शांति प्रयासों को बाधित करने और समझौतों को तोड़ने का लगाया आरोप

बगदाद: ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि वह राजनयिक शांति प्रयासों को बार-बार बाधित कर रहा है। रविवार को 18 अक्टूबर 2026 को बगदाद में इराकी प्रधानमंत्री अली अल-ज़ैदी के साथ बैठक के दौरान अराघची ने यह बात कही। यह मुलाकात इस्लामिक सहयोग संगठन (ओआईसी) के विदेश मंत्रियों की 52वीं काउंसिल के सत्र के दौरान हुई।

अराघची ने आरोप लगाया कि अमेरिका स्थापित समझौतों को तोड़कर और सैन्य बल का इस्तेमाल करके संघर्ष खत्म करने की कोशिशों में बाधा डाल रहा है। उन्होंने विशेष रूप से 17 जून को हुए 'इस्लामाबाद समझौते' के विफल होने का जिक्र किया। इस समझौते में पाकिस्तान ने मध्यस्थता की थी और इसे कतर का समर्थन प्राप्त था।

ईरानी विदेश मंत्री ने बताया कि इस समझौते की वजह से समुद्री यातायात में 60 फीसदी तक सुधार हुआ था, लेकिन अमेरिका के एकतरफा कदमों ने इसकी प्रगति रोक दी। उन्होंने कहा कि इस तरह के कदमों और उसके बाद किए गए सैन्य हमलों ने भविष्य की बातचीत पर गहरा अविश्वास पैदा कर दिया है।

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क्षेत्रीय सुरक्षा पर बात करते हुए अराघची ने 'ज़ायोनी शासन की युद्धप्रियता' को असुरक्षा का मुख्य कारण बताया, जिसका असर विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पर पड़ रहा है। यमन की स्थिति पर उन्होंने स्पष्ट किया कि वहां सैन्य समाधान संभव नहीं है और ईरान क्षेत्रीय संवाद में मदद करने के लिए तैयार है।

अराघची ने यह भी कहा कि ईरान आपसी सम्मान के आधार पर बातचीत के लिए खुला है। हालांकि, उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि उनका देश किसी भी दबाव, धमकी या डराने-धमकाने के आगे नहीं झुकेगा और बाहरी दबाव में अपने संप्रभु अधिकारों को नहीं छोड़ेगा।

बता दें कि 17 और 18 अक्टूबर को ओआईसी का सत्र 'संवाद और एकजुटता: शांति और सतत विकास को बढ़ावा देने के लिए दो आवश्यक स्तंभ' विषय के तहत आयोजित किया गया था। इस सत्र में अमेरिका-ईरान संघर्ष सहित कई क्षेत्रीय संकटों पर चर्चा की गई।

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