हॉर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान का बड़ा कदम, 11 और जहाजों को ब्लैकलिस्ट में डाला

ईरान के पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी यानी PGSA ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। बुधवार, 2 सितंबर 2026 को इस नियामक संस्था ने अपनी समुद्री ब्लैकलिस्ट सूची में 11 नए जहाजों को और जोड़ दिया है। इन सभी जहाजों पर नियमों का पालन न करने का आरोप है और अब वे इस महत्वपूर्ण जलमार्ग से आवाजाही नहीं कर सकेंगे। इस ताज़ा कार्रवाई के बाद अब इस ब्लैकलिस्ट में शामिल कुल जहाजों की संख्या बढ़कर 56 हो गई है। इससे पहले गत 24 अगस्त 2026 को 45 जहाजों की पहली सूची जारी की गई थी, जिसके बाद वैश्विक स्तर पर शिपिंग कंपनियों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं।
किन देशों के जहाजों पर गिरी गाज
अधिकारियों द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक, जिन 11 नए जहाजों को प्रतिबंधित किया गया है, उनमें विभिन्न देशों के कार्गो और टैंकर शामिल हैं। इस सूची में चार यूएई से जुड़े जहाज Tarif, Delma, El Gaia और Asphalt Alliance शामिल हैं। इसके अलावा चार सऊदी अरब से जुड़े टैंकर Ixora, Yaqut, Zaynah और Ajwad का नाम भी इस लिस्ट में आया है। चीन से जुड़े दो एलपीजी कैरियर Zixuan और Gas Marakua तथा ग्रीस से जुड़ा एलपीजी कैरियर Olympios Gas भी इस पाबंदी की चपेट में आ गए हैं। ये सभी जहाज पहले से ब्लैकलिस्टेड उन तमाम जहाजों के साथ जुड़ गए हैं, जिनका संबंध दुनिया की बड़ी शिपिंग और एनर्जी कंपनियों से है।
व्यापार और तेल ढुलाई पर असर
नियामक संस्था के नियमों के अनुसार यदि कोई भी अन्य जहाज इन ब्लैकलिस्टेड जहाजों के साथ किसी भी प्रकार का व्यापारिक लेनदेन करता है, जैसे कि समुद्र में तेल का आदान-प्रदान यानी STS ट्रांसफर या अन्य कमर्शियल गतिविधियां, तो उसे भी इस काली सूची में डाल दिया जाएगा। इस सख्त नीति के कारण दुनिया भर की ऊर्जा कंपनियों और शिपिंग ऑपरेटरों में हड़कंप मच गया है। अगस्त के आखिरी हफ्ते में मीडिया रिपोर्ट्स में सामने आया था कि कम से कम तीन भारतीय रिफाइनरियों और एक बड़ी अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा कंपनी ने सुरक्षा जोखिमों से बचने के लिए इन प्रतिबंधित जहाजों के साथ अपने सभी तरह के व्यापारिक संबंध फिलहाल रोक दिए हैं। हालांकि जहाजों के ऑपरेटर इस पाबंदी को हटाने के लिए औपचारिक रूप से याचिका दायर कर सकते हैं, लेकिन ईरान की तरफ से साफ कहा गया है कि केवल उन्हीं जहाजों को इस मार्ग का उपयोग करने की अनुमति मिलेगी जिन्हें वे 'गैर-शत्रुतापूर्ण' मानते हैं और जो उनके अधिकारियों के साथ पूरा समन्वय बनाकर चलते हैं। यह पूरी कार्रवाई क्षेत्र में जारी तनाव और अमेरिका के साथ सैन्य वार्ताओं के बीच हो रही है।