Iran Air Defense: ईरान ने बढ़ाई सैन्य ताकत, सीक्रेट हथियारों के साथ किसी भी टकराव के लिए तैयार होने का किया दावा

मध्य पूर्व में लगातार बढ़ रहे तनाव के बीच ईरान की तरफ से बड़ा बयान सामने आया है, जहां देश के एयर डिफेंस चीफ ने सैन्य उपकरणों और रणनीतियों में भारी बढ़ोतरी करने की बात कही है। इस पूरी स्थिति पर आम जनता और खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों की नजरें टिकी हुई हैं, क्योंकि इस बढ़ते टकराव का असर पूरे क्षेत्र की सुरक्षा पर पड़ रहा है। ईरान के अधिकारियों का कहना है कि वे किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार हैं और लगातार अपनी रक्षा प्रणाली को मजबूत कर रहे हैं।
आत्मनिर्भरता और हथियारों का उत्पादन
दिनांक 7 सितंबर 2026 को ईरान के एयर डिफेंस प्रमुख ब्रिगेडियर जनरल अलीरेजा एल्हामी ने आधिकारिक तौर पर घोषणा की कि देश अपने सैन्य उपकरणों और रणनीतियों की संख्या और विविधता को तेजी से बढ़ा रहा है। एल्हामी ने दावा किया कि ईरान ने एयर डिफेंस सिस्टम के मामले में पूर्ण आत्म-निर्भरता हासिल कर ली है। उनका कहना था कि इन स्वदेशी प्रणालियों की मदद से बदलते खतरों का सामना बहुत जल्दी किया जा सकता है, जो विदेशी उपकरणों के मुकाबले एक बड़ा सामरिक फायदा देता है। उन्होंने यह भी बताया कि अमेरिका और इजराइल के साथ हुए हालिया 40-दिन के संघर्ष के दौरान इन्हीं स्वदेशी प्रणालियों का इस्तेमाल किया गया था और अब इन्हें देश भर में तेजी से तैयार करके तैनात किया जा रहा है।
युद्ध की रणनीतियों में बदलाव और क्षेत्रीय तनाव
एल्हामी ने इस बात पर जोर दिया कि ईरान किसी भी प्रकार के टकराव के लिए पूरी तरह तैयार है और मौजूदा खतरों को देखते हुए आक्रामक रुख अपनाना जरूरी हो गया है। इससे पहले 6 सितंबर को आर्मी के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद अकरामी-निया ने एक 12-दिन के संघर्ष के बाद पहले से हमला करने यानी 'प्रीएम्प्टिव वार्फेयर' की तरफ वैचारिक बदलाव की बात कही थी। इसके अलावा 4 सितंबर को एल्हामी ने देश की युद्ध के समय की मजबूती का श्रेय 100 प्रतिशत ईरानी क्षमताओं और राष्ट्रीय एकता को दिया था। यह सारी घटनाएं ऐसे समय में हो रही हैं जब क्षेत्रीय स्तर पर दुश्मनी चरम पर है।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य और आर्थिक मोर्चे पर संघर्ष
दिनांक 6 सितंबर को ईरानी सरकारी मीडिया ने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के हवाले से दावा किया कि उन्होंने हॉर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका के एक रिमोट से चलने वाले सैन्य जहाज को निशाना बनाया है। हालांकि, अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने इस दावे को पूरी तरह से झूठ बताया है। इसके साथ ही ईरानी अधिकारियों जैसे मोहसेन रजाई ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य के पास एक 'एक्सक्लूजन जोन' यानी निषेध क्षेत्र बनाने की योजना का संकेत दिया है और वहां से गुजरने वाले जहाजों पर पाबंदी लगाने की धमकी दी है।
पिछले कुछ दिनों में आर्थिक और सैन्य टकराव काफी बढ़ गया है। दिनांक 5 सितंबर को अमेरिकी सेना ने ईरान के तीन तेल टैंकरों पर हमला किया, जिसमें खार्ग द्वीप के पास M/T Downy और जास्क के पास M/T Stark 1 को निष्क्रिय कर दिया गया, जबकि ओमान की खाड़ी में M/T Kylo को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया जो 6 सितंबर तक डूब चुका था। उसी दिन यानी 5 सितंबर को ईरान ने कथित तौर पर अमेरिकी विमानवाहक पोत और गाइडेड-मिसाइल विध्वंसक पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जो बिना किसी नुकसान के बच निकले। इसके अलावा 3 सितंबर को ईरान के ड्रोन और मिसाइल हमलों ने कुवैत और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया था। इस माहौल के बीच ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने दक्षिण कोरिया को चेतावनी दी कि वह हॉर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिकी अभियानों में हिस्सा न ले, वरना इसके गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।