किर्गिस्तान में शंघाई सहयोग संगठन सम्मेलन, ईरान और चीन के विदेश मंत्रियों ने की द्विपक्षीय बैठक.

Nura Basta1 September 20262 min read32 viewsWorld
किर्गिस्तान में शंघाई सहयोग संगठन सम्मेलन, ईरान और चीन के विदेश मंत्रियों ने की द्विपक्षीय बैठक.

किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के शिखर सम्मेलन के दौरान ईरान और चीन के विदेश मंत्रियों ने अहम बैठक की। इस महत्वपूर्ण बैठक में दोनों देशों के बीच आपसी रिश्तों और क्षेत्रीय मुद्दों पर खुलकर बातचीत हुई। 1 सितंबर 2026 को हुई इस औपचारिक चर्चा में ईरानी विदेश मंत्री Seyyed Abbas Araghchi और चीनी विदेश मंत्री Wang Yi शामिल रहे, जिन्होंने रणनीतिक संबंधों को और मजबूत करने पर जोर दिया।

SCO शिखर सम्मेलन और 25वीं वर्षगांठ

यह एससीओ शिखर सम्मेलन संगठन की 25वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है, जो 31 अगस्त से 1 सितंबर 2026 तक चला। सम्मेलन की मेजबानी किर्गिस्तान के राष्ट्रपति Sadyr Japarov ने की और इसका मुख्य विषय 'Together for Sustainable Peace, Development and Prosperity' रखा गया था। इस बड़े मंच पर दुनिया के कई बड़े नेता शामिल हुए, जिनमें ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian, भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi, रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin, बेलारूस के राष्ट्रपति Alexander Lukashenko, कजाखस्तान के राष्ट्रपति Kassym-Jomart Tokayev, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif, ताजिकिस्तान के राष्ट्रपति Emomali Rahmon और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति Shvkat Mirziyoyev मुख्य रूप से मौजूद रहे। सभी नेताओं ने मिलकर इस रजत जयंती के मौके पर 'Bishkek Declaration' को अंतिम रूप दिया।

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ईरान और अमेरिका के रिश्तों पर बयान

सम्मेलन के दौरान ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने अंतरराष्ट्रीय हालात पर बात करते हुए स्पष्ट किया कि उनका देश अमेरिका के साथ किसी भी तरह के सैन्य संघर्ष के बजाय कूटनीति को प्राथमिकता देता है। उन्होंने कहा कि यदि अमेरिका जून में हुए अंतरिम समझौते के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं को फिर से लागू करता है, तो ईरान भी तुरंत उसका वैसा ही जवाब देगा। ईरानी राष्ट्रपति ने जोर देकर कहा कि लगातार युद्ध जारी रहने से किसी भी पक्ष का भला नहीं होने वाला है और समस्याओं को सुलझाने के लिए केवल बातचीत ही एकमात्र रास्ता है।

चीन और ईरान के कूटनीतिक संबंध

चीन और ईरान के बीच राजनयिक रिश्ते लगातार मजबूत बने हुए हैं, खासकर तब जब अमेरिका ने ईरान के स्वर्ण, तकनीक और परिवहन क्षेत्रों के व्यापारिक साझेदारों पर नए प्रतिबंध लगाए हैं। इसके बाद चीन ने अपने हितों की रक्षा करने का पूरा संकेत दिया है। आपको बता दें कि ईरान 4 जुलाई 2023 को एससीओ का नौवां पूर्ण सदस्य बना था और वह लगातार ऐसे अंतरराष्ट्रीय मंचों का उपयोग अपने कूटनीतिक संबंधों को बेहतर बनाने के लिए कर रहा है।

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