अमेरिका के साथ रिश्ते सुधारने पर ईरान का बड़ा बयान, कहा नीति बदलने पर होगी बात

ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने गत 28 अगस्त 2026 को यह साफ कर दिया है कि अमेरिका के साथ फिर से बातचीत शुरू करना पूरी तरह से नामुमकिन नहीं है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि आगे की प्रगति पूरी तरह से वाशिंगटन की नीतियों में बदलाव पर निर्भर करती है। ईरानी मंत्री ने क्षेत्र में फैल रही अशांति के लिए सीधे तौर पर अमेरिकी और इजरायल की सैन्य आक्रामकता को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने आर्थिक आतंकवाद और नौसेना की नाकाबंदी जैसी हस्तक्षेप करने वाली कार्रवाइयों का भी कड़ा विरोध किया है। तेहरान ने युद्ध से पहले की स्थिति में लौटने से साफ इनकार कर दिया है और यह जिद पकड़ी है कि भविष्य की किसी भी बातचीत में ईरान के खिलाफ हुई क्षति और कार्रवाई का हिसाब देना होगा।
स्ट्रेट ऑफ़ हार्मुज़ को खोलने के लिए ईरान ने रखी अपनी शर्तें
ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव Mohsen Rezaei ने घोषणा की है कि तेहरान स्ट्रेट ऑफ़ हार्मुज़ को संभावित रूप से फिर से खोलने के लिए शर्तों की एक सूची तैयार कर रहा है। इन जरूरतों में क्षेत्रीय संघर्ष को रोकना, ईरानी बंदरगाहों पर से अमेरिकी प्रतिबंधों को हटाना, आर्थिक राहत देना और वित्तीय मुआवजा शामिल करना शामिल है। मोहसेन रेजाई ने ओमान के साथ एक अस्थायी शिपिंग कॉरिडोर के लिए समझौते की पुष्टि की है, जो पूरी तरह से इन मांगों को पूरा करने पर निर्भर करता है। साथ ही उन्होंने यह चेतावनी भी दी है कि यदि ये मांगें पूरी नहीं की गईं तो जलमार्ग की बंदी जारी रहेगी और अमेरिकी सैन्य तथा आर्थिक हितों पर संभावित जवाबी हमले किए जाएंगे।
दूसरी ओर, घरेलू मोर्चे पर भी आर्थिक दबाव लगातार बना हुआ है। ईरान के उपराष्ट्रपति Mohammad Jafar Ghaempanah ने खुद यह बात स्वीकार की है कि देश के अंदर पेट्रोल का उत्पादन जरूरत के हिसाब से बहुत कम है और आयात भी पूरी तरह से बंद पड़े हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के नेतृत्व वाला प्रशासन लगातार यह कह रहा है कि इस समय कोई भी सीधी बातचीत नहीं चल रही है। राष्ट्रपति ट्रंप ने 27 अगस्त को साफ कहा था कि ईरान को एक सार्थक तरीके से बातचीत में शामिल होना चाहिए और उन्होंने जून के समझौता ज्ञापन में वापस लौटने की किसी भी संभावना को खारिज कर दिया है।
अंतर्राष्ट्रीय शिपिंग और जहाजों की आवाजाही पर कड़ा पहरा
अमेरिका की ओर से ईरान की अंतरराष्ट्रीय वित्तीय पहुंच को रोकने के लिए 'ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट' लगातार चलाया जा रहा है। इसी बीच सेंटकॉम कमांडर एडमिरल Brad Cooper ने जानकारी दी है कि हालांकि कमर्शियल गतिविधियों में भारी कमी आई है और नौसेना की नाकाबंदी के कारण लगभग 75 कमर्शियल जहाजों के रूट बदले गए हैं, फिर भी अंतरराष्ट्रीय शिपिंग लेन अभी खुले हुए हैं। कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री Sheikh Mohammed bin Abdulrahman Al Thani ने तनाव को और अधिक बढ़ने से रोकने के लिए तेहरान का दौरा किया और राष्ट्रपति Masoud Pezeskian तथा मंत्री अब्बास अरागची के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। ईरानी संसद के अध्यक्ष Mohammad Bagher Qalibaf ने अमेरिकी आर्थिक नीतियों का विरोध करने के लिए चीन के प्रति आभार व्यक्त किया है, जबकि अमेरिकी वित्त मंत्री Scott Bessent ईरान पर और नए प्रतिबंध लगाने की पूरी तैयारी कर रहे हैं।