अमेरिका के साथ आर्थिक युद्ध के बीच ईरान ने किया आत्मरक्षा के कानूनी अधिकार का बड़ा ऐलान

7 सितंबर 2026 को ईरान के अधिकारियों ने यह साफ कर दिया कि देश के पास अमेरिका की तरफ से थोपे जा रहे आर्थिक युद्ध के खिलाफ अपनी रक्षा करने का पूरा कानूनी अधिकार है। विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद जरीफ ने यह बात कही कि ईरान अपने देश के लोगों की रक्षा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और अब हिसाब बराबर करने का पुराना दौर खत्म हो चुका है। उन्होंने यह चेतावनी भी दी कि अगर आगे से ईरान के हितों पर कोई भी हमला हुआ तो उसका जवाब बहुत तेज और कड़े तरीके से दिया जाएगा।
आर्थिक आतंकवाद और अमेरिकी प्रतिबंध
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघेई ने अमेरिका के हालिया प्रतिबंधों को आर्थिक आतंकवाद और खुली आक्रामकता करार दिया है। उनका कहना था कि ये कदम संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून का सीधा उल्लंघन करते हैं। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इस स्थिति को एक आम संघर्ष बताया था, लेकिन बघेई ने इस बात को सिरे से खारिज कर दिया और कहा कि अमेरिका ने पूरी दुनिया और इस क्षेत्र पर एक तरह से युद्ध लाद दिया है.
आर्थिक मोर्चे पर नई तैयारी
इस बढ़ते आर्थिक दबाव का सामना करने के लिए ईरान के अर्थव्यवस्था मंत्री अली मदानिजादेह ने एक खास आर्थिक युद्ध मुख्यालय बनाने की घोषणा की है, जो देश के सभी जवाबों और कदमों को आपस में जोड़ेगा। हालांकि सरकारी दावे अपनी जगह हैं, लेकिन खुद ईरान के बड़े सूत्रों ने यह माना है कि अमेरिकी नौसेना की तरफ से लगाई गई पाबंदियों के कारण देश को विदेशी मुद्रा, ग्लोबल फंडिंग और जरूरी सामान मंगाने में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इसकी वजह से देश के अंदर महंगाई बढ़ने और आम लोगों के बीच नाराजगी फैलने का खतरा पैदा हो गया है.
समुद्री इलाकों में तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य
अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेन्ट ने बताया कि उनका मुख्य मकसद ईरान की कमाई के रास्तों को पूरी तरह बंद करना है ताकि वे परमाणु विकास का काम न कर सकें और सरकार को झुकाया जा सके। वहीं सेंटकॉम कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने जानकारी दी कि अमेरिकी सैनिक ईरान की सैन्य ताकत और क्षेत्रीय साथियों को मिलने वाली फंडिंग रोकने के लिए काम कर रहे हैं। अमेरिकी हमले में ईरान के तीन तेल टैंकरों के नुकसान के बाद हालात और बिगड़ गए हैं, जिसके जवाब में ईरान ने भी अमेरिकी युद्धपोतों और एक नेवल ड्रोन को निशाना बनाया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने यह पुष्टि की है कि उसने अपने नाकाबंदी नियमों को लागू करने के लिए 92 कमर्शियल जहाजों का रास्ता बदला है, 3 को रोका है और 2 जहाजों पर चढ़कर जांच की है.
इसके अलावा ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसेन रजाई ने होर्मुज जलडमरूमध्य के पास एक प्रतिबंधित क्षेत्र बनाने की योजना का ऐलान किया है। रजाई ने यह साफ कर दिया कि इस रास्ते पर आने वाले किसी भी जहाज को ईरान की ब्लैकलिस्ट में डाल दिया जाएगा। ईरान ने यह भी कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखने का उसका फैसला तभी तक लागू रहेगा जब तक अमेरिका अपनी तरफ से धमकियां, तोड़फोड़ और सैन्य हमले बंद नहीं करता है.