Iran News: ईरान में बड़ा आतंकी हमला, बासिज मिलिशिया कमांडर अब्दुलराऊफ एशाघी की हत्या.

दक्षिण-पूर्वी ईरान में मंगलवार, 8 सितंबर 2026 को एक दर्दनाक आतंकी हमले में ईरान के अर्धसैनिक बल बासिज के एक शीर्ष कमांडर की जान चली गई। इस बड़ी घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है और सुरक्षा एजेंसियों को पूरी तरह से अलर्ट कर दिया है। मारे गए कमांडर की पहचान अब्दुलराऊफ एशाघी के रूप में हुई है, जो सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत के परुद जिले में तैनात थे। यह इलाका लंबे समय से अशांति और हिंसा का केंद्र रहा है, जहां आए दिन सुरक्षा बलों और उपद्रवियों के बीच संघर्ष की खबरें सामने आती रहती हैं।
अब्दुलराऊफ एशाघी की हत्या और सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई
अब्दुलराऊफ एशाघी बासिज रेजिस्टेंस डिस्ट्रिक्ट में कमांडर की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। आपको बता दें कि बासिज एक अर्धसैनिक संगठन है जो सीधे तौर पर ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC के अधीन काम करता है। ईरानी सरकारी मीडिया और अर्ध-सरकारी तसनीम न्यूज एजेंसी ने इस घातक हमले की पुष्टि करते हुए इसे एक सुनियोजित आतंकवादी घटना करार दिया है। हालांकि, इस कायराना हमले को अंजाम देने वाले आतंकियों की पहचान अभी तक सामने नहीं आई है और किसी भी संगठन ने इस हत्या की जिम्मेदारी नहीं ली है।
इस सनसनीखेज घटना के बाद से ईरानी सुरक्षा बलों ने हमलावरों की तलाश में बड़ा अभियान शुरू कर दिया है। अधिकारी लगातार हमलावरों की गतिविधियों पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि इस पूरे मामले से जुड़ी जांच की जानकारी जैसे-जैसे सामने आएगी, उसे आधिकारिक तौर पर साझा किया जाएगा। सुरक्षा के लिहाज से पूरे इलाके में गश्त बढ़ा दी गई है और हर आने-जाने वाले संदिग्ध व्यक्ति पर कड़ी नजर रखी जा रही है ताकि आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ा जा सके।
सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत में लगातार बढ़ रहा तनाव
यह पूरी घटना ऐसे समय में घटी है जब सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत में पहले से ही भारी तनाव और अस्थिरता का माहौल बना हुआ है। यह प्रांत पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सीमा से सटा हुआ है, जिस वजह से यहां राज्य के सुरक्षा बलों, विद्रोहियों और तस्करी करने वाले गिरोहों के बीच अक्सर खूनी झड़पें होती रहती हैं। यह इलाका ईरान के सबसे गरीब हिस्सों में गिना जाता है, जहां बड़ी संख्या में बलूच समुदाय के लोग रहते हैं और शिया बहुल देश में यह क्षेत्र मुख्य रूप से सुन्नी मुस्लिम आबादी वाला है।
गौरतलब है कि यह हमला ईरान में हुई एक अन्य बड़ी सुरक्षा कार्रवाई के ठीक एक दिन बाद हुआ है। इससे पहले सोमवार, 7 सितंबर 2026 को ईरानी अधिकारियों ने एक गुप्त ऑपरेशन चलाया था, जिसमें तीन संदिग्ध मारे गए थे और नौ अन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया था। उस समय सरकारी अधिकारियों का कहना था कि वह सोमवार की रेड उन इस्लामी समूहों के ठिकानों को खत्म करने के लिए की गई थी, जिन्हें सरकार अमेरिका और इस्राइल से जुड़े होने का आरोप लगाती है। इस क्षेत्र में लगातार हो रही इन हिंसक घटनाओं ने आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।