हॉर्मोनल जलडमरूमध्य के पास अमेरिका का अंडरवाटर ड्रोन कैप्टर, ईरान ने किया बड़ा दावा

ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC ने नौ सितंबर 2026 को यह जानकारी दी कि उसके नौसैनिक बलों ने हॉर्मोनल जलडमरूमध्य के प्रवेश द्वार के पास अमेरिका के एक मानवरहित पनडुब्बी ड्रोन को सफलतापूर्वक पकड़ लिया है। इस घटना के बाद से खाड़ी देशों में तनाव काफी ज्यादा बढ़ गया है और दोनों देशों के बीच बयानों का दौर शुरू हो गया है। ईरानी सेना का कहना है कि उन्होंने एक जटिल खुफिया और ऑपरेशनल रणनीति के तहत सुबह-सुबह इस अमेरिकी वेसल को अपने कब्जे में ले लिया है।
ईरान और अमेरिका के बीच दावों का विरोधाभास
ईरानी सरकारी मीडिया ने इस घटना से जुड़ा हुआ एक वीडियो फुटेज भी जारी किया है जिसमें इस वेसल को साफ देखा जा सकता है। इस वाहन की पहचान Dive-LD ऑटोनॉमस अंडरवाटर व्हीकल के रूप में हुई है जिसे कैलिफोर्निया की कंपनी Anduril Industries द्वारा बनाया गया है। IRGC का यह भी कहना था कि यह एक आधुनिक और स्मार्ट सिस्टम था जिसे साल 2025 में अमेरिकी सेना को सौंपा गया था। हालांकि दूसरी तरफ अमेरिकी सेना ने ईरान के इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया है और पूरी घटना को एक अलग तरीके से बयां किया है।
पेंटागन के एक प्रवक्ता ने इस बात की पुष्टि की है कि उनका Dive-LD वेसल खो गया है लेकिन उनका यह भी कहना था कि यह ईरानी घोषणा से एक दिन पहले ही खराब हो चुका था। अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM के प्रवक्ता नेवी कैप्टन Tim Hawkins ने बताया कि जब ईरानी बलों ने इसे पकड़ा तब यह ड्रोन पूरी तरह से पानी में मृत अवस्था में था यानी काम नहीं कर रहा था। पेंटागन ने इस बात पर जोर दिया कि यह एक पुराना मॉडल था जिसमें किसी भी प्रकार का कोई गोपनीय सोनार, रडार उपकरण या फिर संवेदनशील डेटा मौजूद नहीं था। ड्रोन बनाने वाली कंपनी एंड्यूरिल इंडस्ट्रीज ने भी इस क्राफ्ट को एक सामान्य सिस्टम बताया जिसका इस्तेमाल ऐसे इलाकों में होता है जहां इस तरह के नुकसान की संभावना पहले से ही उम्मीद में रहती है।
क्षेत्र में लगातार बढ़ रहा सैन्य तनाव
यह पूरी घटना ऐसे समय में सामने आई है जब खाड़ी क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों में भारी तेजी देखी जा रही है। नौ सितंबर को ही IRGC ने यह भी दावा किया था कि उन्होंने फारस की खाड़ी और हॉर्मोनल जलडमरूमध्य में अमेरिका के दो नौसैनिक जहाजों, आठ तेल टैंकरों और दस नियमों का पालन न करने वाले जहाजों पर हमला किया था। इसके साथ ही ईरानी सेना ने यह भी दावा किया कि उनके एयर डिफेंस सिस्टम ने अमेरिका के एक MQ-9 Reaper ड्रोन को भी मार गिराया है। दूसरी ओर सेंटकॉम ने अमेरिकी युद्धपोतों को किसी भी तरह के नुकसान की इन सभी खबरों को पूरी तरह से झूठा करार दिया है।
अमेरिकी सेना की तरफ से यह भी बताया गया कि अमेरिकी बलों ने अमेरिकी नौसेना के एक युद्धपोत पर दो अलग-अलग बैलिस्टिक मिसाइल हमलों के बाद ईरान के पांच कच्चे तेल के वाहकों को पूरी तरह से नष्ट कर दिया है। इस क्षेत्रीय तनाव का असर आसपास के देशों पर भी देखने को मिल रहा है जहां जॉर्डन की तरफ से एक रिपोर्ट सामने आई जिसमें यह कंफर्म हुआ कि उन्होंने 18 ईरानी मिसाइलों को हवा में ही रोक लिया और इस दौरान किसी भी प्रकार के जानमाल के नुकसान की खबर नहीं आई है। इसके अलावा यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस यानी UKMTO ने भी हॉर्मोनल जलडमरूमध्य के भीतर एक मर्चेंट पोत से जुड़ी सुरक्षा घटना को दर्ज किया है क्योंकि ईरान लगातार फारस की खाड़ी और उत्तरी ओमान सागर में अपनी घादिर-क्लास पनडुब्बियों की तैनाती को बनाए हुए है।