Iran Central Bank: अमेरिका की पाबंदियों के बीच ईरान का बड़ा दावा, कहा देश में काफी विदेशी मुद्रा मौजूद है।

अमेरिका की तरफ से लगातार लग रही पाबंदियों और आर्थिक दबाव के बीच ईरान के केंद्रीय बैंक ने देश की वित्तीय स्थिति को पूरी तरह मजबूत बताया है। मंगलवार, 1 सितंबर 2026 को सेंट्रल बैंक ऑफ ईरान के गवर्नर Abdolnaser Hemmati ने एक बड़ा बयान जारी किया। उन्होंने साफ कहा कि देश के पास विदेशी मुद्रा का पर्याप्त रिजर्व मौजूद है और अर्थव्यवस्था को लेकर फैलाई जा रही चिंताएं बेबुनियाद हैं। यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने हाल ही में दावा किया था कि तेहरान आर्थिक युद्ध हार रहा है और भारी संघर्ष कर रहा है।
विदेशी मुद्रा बाजार को संभालने के लिए बड़ा कदम
विदेशी मुद्रा बाजार में हाल ही में आई उथल-पुथल को रोकने के लिए गवर्नर Abdolnaser Hemmati ने ऐलान किया कि सेंट्रल बैंक बाजार में $2 billion तक की रकम झोंकने के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने यह भी बताया कि बैंक लगातार अपने विदेशी मुद्रा के बकाये को इकट्ठा कर रहा है और देश के अंदरूनी रिजर्व तथा अन्य गुप्त वित्तीय स्रोतों का पूरा इस्तेमाल कर रहा है। गवर्नर ने साफ शब्दों में कहा कि देश के आर्थिक पतन की बातें केवल मानसिक युद्ध यानी 'psychological warfare' का हिस्सा हैं। उन्होंने माना कि देश के हालात थोड़े मुश्किल जरूर हैं, लेकिन अर्थव्यवस्था का पूरी तरह बैठ जाना मुमकिन नहीं है।
रियाल की कीमत गिरने पर क्या बोले अधिकारी
ईरानी रियाल की कीमत में आई गिरावट के बारे में बात करते हुए गवर्नर ने बताया कि यह किसी बड़ी अंदरूनी खराबी की वजह से नहीं बल्कि मानसिक और मनोवैज्ञानिक कारणों से हुआ है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि देश में अत्यधिक महंगाई यानी 'hyperinflation' होने का कोई खतरा नहीं है। इसके पहले ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने भी 29 अगस्त 2026 को यह स्वीकार किया था कि अमेरिकी पाबंदियों का असर देश की अर्थव्यवस्था पर साफ दिखाई दे रहा है। सरकार का यह नया रुख पहले के उस दावे से बिल्कुल अलग है जिसमें कहा जाता था कि पाबंदियों का ईरान पर कोई असर नहीं पड़ेगा।