Gulf Conflict: ईरान के मुख्य न्यायाधीश ने अमेरिका और इसराइल पर बोला बड़ा हमला, जंग को बताया गैरकानूनी.

खाड़ी देशों में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और इसी बीच ईरान के मुख्य न्यायाधीश Ayatollah Gholam-Hossein Mohseni-Eje’i ने गुरुवार, 3 सितंबर 2026 को वैश्विक स्तर पर शांति और न्याय स्थापित करने की अपील की है। उन्होंने अमेरिका और इसराइल द्वारा इस्लामिक गणराज्य के खिलाफ किए जा रहे सैन्य हमलों को पूरी तरह से गैरकानूनी करार दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान ने हमेशा से शांति बनाए रखने की कोशिश की है, लेकिन देश ने कभी भी जुल्म के आगे घुटने नहीं टेके हैं और भविष्य में भी ऐसा कभी नहीं करेगा। ईरान के इन बयानों से खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले प्रवासियों और आम लोगों के बीच चिंता का माहौल गहराता जा रहा है, क्योंकि इस संघर्ष का असर सीधे तौर पर क्षेत्रीय सुरक्षा पर पड़ रहा है।
अस्पतालों और स्कूलों को निशाना बनाने का गंभीर आरोप
ईरान के शीर्ष न्याय अधिकारी ने अमेरिका और इसराइल पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि ये देश एक अवैध युद्ध लड़ रहे हैं। उनके अनुसार, इन हमलों में अस्पतालों, स्कूलों और सांस्कृतिक स्थलों जैसी बेहद जरूरी बुनियादी संरचनाओं को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने मिनब के एक स्कूल में 168 लोगों की मौत का हवाला दिया, जिसमें मासूम बच्चे, शिक्षक और स्कूल का अन्य स्टाफ शामिल था, और इसे युद्ध अपराध करार दिया। मुख्य न्यायाधीश ने यह भी याद दिलाया कि ईरान ने जून 2025 में 12 दिनों के युद्ध और फरवरी 2026 से शुरू हुए 40 दिनों के संघर्ष के दौरान दुश्मनों के सभी इरादों को नाकाम कर दिया था। इस पूरी स्थिति की अधिक जानकारी के लिए आप ANI News पर जा सकते हैं।
खाड़ी देशों में सुरक्षा और सैन्य गतिविधियों पर असर
दूसरी तरफ, इसराइल के रक्षा मंत्री Israel Katz ने भी 3 सितंबर को बयान जारी कर चेतावनी दी थी कि अगर तेहरान ने आगे कोई भी हमला किया, तो इसराइल ईरान के सभी सैन्य और नागरिक बुनियादी ढांचे, यहां तक कि ऊर्जा सुविधाओं को भी तबाह कर देगा। इस बीच, संयुक्त राष्ट्र के महासचिव António Guterres ने लगातार बढ़ते नागरिक हताहतों पर गहरी चिंता जताई है। अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance समेत कई अमेरिकी अधिकारियों ने ईरान के इन दावों पर अपनी शंका जाहिर की है। इसके अलावा, ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मेजर जनरल Mohsen Rezaei ने 3 सितंबर को घोषणा की कि ईरान अब अमेरिका की क्षेत्रीय मौजूदगी को निशाना बनाने के लिए एक नई रणनीति पर काम कर रहा है।
कुवैत और UAE में ड्रोन हमलों की घटनाएं
हाल ही में कुवैत और यूएई में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर रात के समय ड्रोन और मिसाइल से हमले किए गए, जिन्हें लेकर कुवैती अधिकारियों ने कड़ी आपत्ति जताई और इसे सरासर आक्रामकता बताया। हालांकि, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने यह स्पष्ट किया कि इन हमलों में अमेरिका की किसी भी सुविधा या संपत्ति को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने 2 सितंबर को चेतावनी दी थी कि अमेरिका आगे भी ऐसे हमले करने के लिए पूरी तरह तैयार है, भले ही मौजूदा हालात को देखकर ऐसा लग रहा हो कि यह संघर्ष अब एक ठहराव की स्थिति में पहुंच रहा है। खाड़ी में काम करने वाले प्रवासियों को सलाह दी जाती है कि वे स्थानीय प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करें और सुरक्षित रहें।