ईरान का बड़ा दावा: यमन ने सऊदी अरामको के तीन LNG टैंकों को किया तबाह!
ईरान के दावा के अनुसार यमन ने सऊदी अरामको के तीन एलएनजी टैंकों को निशाना बनाया, हालांकि सऊदी अरब ने परिचालन जारी रखने की पुष्टि की है।

मध्य पूर्व में तनाव के बीच ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA ने एक सनसनीखेज दावा किया है। रिपोर्ट के मुताबिक, यमन की सेना ने सऊदी अरब के यानबू में स्थित सऊदी अरामको (Saudi Aramco) की एक महत्वपूर्ण एलएनजी (LNG) सुविधा पर हमला कर तीन टैंकों को नष्ट कर दिया है।
सैटेलाइट तस्वीरों का हवाला
IRNA की रिपोर्ट में कहा गया है कि 25 से 27 सितंबर 2026 के बीच ली गई सैटेलाइट तस्वीरों में इस विस्फोट के बाद के निशान देखे जा सकते हैं। यह दावा ऐसे समय में आया है जब यमन के हूती विद्रोहियों ने सितंबर के अंत में सऊदी बुनियादी ढांचे पर कई मिसाइल और ड्रोन हमलों की बात कही है।
हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारी ने दावा किया कि उनके द्वारा इस्तेमाल की गई बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों ने रियाद और यानबू जैसे संवेदनशील इलाकों को निशाना बनाया था। हालांकि, सऊदी अधिकारियों का कहना है कि वे आने वाली मिसाइलों को सफलतापूर्वक रोक रहे हैं और उन्होंने किसी भी बड़े नुकसान या हताहत होने की पुष्टि नहीं की है।
क्या वाकई हुआ है नुकसान?
फिलहाल, ईरान के इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अतीत में भी इसी तरह के दावों में पुराने फुटेज का इस्तेमाल किया गया है। महत्वपूर्ण बात यह है कि इन दावों के बावजूद, सऊदी अरब की तेल और गैस गतिविधियां सामान्य रूप से चल रही हैं।
- परिचालन जारी: सऊदी अरामको ने यानबू में अपने क्षेत्रीय कार्यों को बिना किसी रुकावट के जारी रखा है।
- पाइपलाइन का उपयोग: ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन को फिर से शुरू करने के बाद रेड सी पोर्ट से तेल लोडिंग का काम सफलतापूर्वक शुरू हो गया है।
- ग्राहकों को सूचना: अरामको ने 28 सितंबर को अपने ग्राहकों को अक्टूबर के लोडिंग शेड्यूल के बारे में सूचित किया, जो यह दर्शाता है कि बुनियादी ढांचा पूरी तरह कार्यात्मक है।
कुल मिलाकर, यमन के दावों और सऊदी अरब के जमीनी परिचालन के बीच विरोधाभास बना हुआ है, जिससे इस क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति पर सवाल उठ रहे हैं।