अमेरिका ने की ईरान की 27 एयरलाइंस पर सख्त पाबंदी, UAE और ओमान के रास्ते हथियारों की तस्करी का लगाया आरोप।

Aanya10 September 20263 min read27 viewsUAE
अमेरिका ने की ईरान की 27 एयरलाइंस पर सख्त पाबंदी, UAE और ओमान के रास्ते हथियारों की तस्करी का लगाया आरोप।

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर से बहुत ज्यादा बढ़ गया है। अमेरिका ने ईरान की कुल 27 एयरलाइंस पर बहुत कड़ी पाबंदियां लगा दी हैं। इस बात की जानकारी मिलते ही ईरान की सरकार भड़क उठी और उसने इसे आर्थिक आतंकवाद और मानवता के खिलाफ अपराध करार दिया है। अमेरिका के इस बड़े फैसले से खाड़ी देशों में भी सुगबुगाहट तेज हो गई है, क्योंकि इन पाबंदियों के दायरे में कई दूसरे देशों की कंपनियां भी आ रही हैं।

ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट के तहत हुई कार्रवाई

यह पूरी घटना 8 सितंबर 2026 को शुरू हुई जब अमेरिकी ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने Operation Economic Outcast के तहत कुल 36 संस्थाओं पर पाबंदी लगाने का ऐलान किया। इसमें ईरान की वे 27 एयरलाइंस भी शामिल थीं जिन पर पहले कभी कोई पाबंदी नहीं लगी थी। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि ये एयरलाइंस ईरानी सरकार के लिए हथियार, लोग और अवैध सामान लाने-लेजाने का काम करती हैं। अमेरिका के ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने साफ चेतावनी दी है कि जो भी कंपनी इन प्रतिबंधित ईरानी एयरलाइंस के साथ व्यापार करेगी, उसे ग्लोबल फाइनेंशियल सिस्टम से बाहर कर दिया जाएगा। इस मामले की विस्तृत जानकारी आप अमेरिकी सरकार की आधिकारिक US Treasury Department Press Release पर देख सकते हैं।

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UAE और ओमान का नाम भी आया सामने

अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने यह भी आरोप लगाया कि ईरान की प्रमुख एयरलाइन Mahan Air ने गर्मियों के दौरान UAE और ओमान के रास्ते कम से कम तीन बोइंग 777 विमानों को खरीदा था। इसके अलावा अमेरिका ने तुर्की, मलेशिया, कजाकिस्तान और UAE की नौ प्राइवेट कंपनियों पर भी शिकंजा कसा है। इनमें UAE की ECT Aviation Support, ब्रिटेन की ECT Aviation Support Ltd, मलेशिया की iCargo और तुर्की की Sky Phoenix जैसी कंपनियां शामिल हैं, जिन पर महान एयर की मदद करने का आरोप लगाया गया है।

संयुक्त राष्ट्र में ईरान ने दर्ज कराया विरोध

अमेरिका के इस कदम के खिलाफ संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत और उप स्थायी प्रतिनिधि Gholamhossein Darzi ने एक कड़ा पत्र लिखा। यह पत्र संयुक्त राष्ट्र के महासचिव António Guterres और सुरक्षा परिषद के अध्यक्ष को भेजा गया। ईरान का कहना है कि यह फैसला यूएन चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून के नियमों के खिलाफ है। ईरान ने याद दिलाया कि 3 अक्टूबर 2018 को अंतरराष्ट्रीय न्यायालय ने आदेश दिया था कि अमेरिका नागरिक उड्डयन सुरक्षा के लिए जरूरी सामान और सेवाओं के निर्यात में रुकावटें न डाले। लेकिन इन नई पाबंदियों से विमानों के स्पेयर पार्ट्स मिलने में दिक्कत होगी, जिससे आम नागरिकों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है और सफर करने वाले लाखों लोगों को परेशानी उठानी पड़ेगी।

ग्लोबल फाइनेंशियल सिस्टम पर असर

अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता Tommy Pigott ने एक बार फिर दोहराया कि उनका मुख्य मकसद ईरानी शासन के वित्तीय स्रोतों को पूरी तरह से बंद करना है। इसके साथ ही अमेरिकी सरकार ने तीन जनरल लाइसेंस भी रद्द कर दिए हैं जो पहले ईरानी एयरस्पेस के ऊपर से उड़ान भरने की इजाजत देते थे। हालात को और सख्त करने के लिए फाइनेंशियल क्राइम्स इंफोर्समेंट नेटवर्क यानी FinCEN ने एक चेतावनी जारी की है, जिसके तहत वित्तीय संस्थानों को ईरानी विमान खरीद नेटवर्क के बारे में पूरी जानकारी रिपोर्ट करनी होगी। खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों और नियमित सफर करने वालों पर भी इस तनाव का असर पड़ सकता है क्योंकि एयरलाइंस के रास्ते बदलने और पाबंदियों के कारण उड़ानों के संचालन पर सीधा असर पड़ता है।

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