ईरान के साथ हुए संघर्ष से रिपब्लिकन पार्टी का कांग्रेस पर नियंत्रण खतरे में पड़ सकता है और जनता में भारी गुस्सा है

पूर्व अमेरिकी अधिकारी बारबरा लीफ ने चेतावनी दी है कि ईरान युद्ध के आर्थिक असर से रिपब्लिकन पार्टी का कांग्रेस पर नियंत्रण जा सकता है।

Gautam Sahu19 October 20261 min read4 viewsWorld
ईरान के साथ हुए संघर्ष से रिपब्लिकन पार्टी का कांग्रेस पर नियंत्रण खतरे में पड़ सकता है और जनता में भारी गुस्सा है

वॉशिंगटन: अमेरिका की पूर्व असिस्टेंट सेक्रेटरी ऑफ स्टेट बारबरा लीफ ने चेतावनी दी है कि ईरान के साथ चल रहे संघर्ष के खिलाफ जनता का विरोध रिपब्लिकन पार्टी के लिए बड़ा खतरा बन सकता है। उनके मुताबिक इस टकराव की वजह से कांग्रेस में रिपब्लिकन पार्टी की पकड़ कमजोर हो सकती है।

बारबरा लीफ ने बताया कि नवंबर 2026 के मध्यावधि चुनावों से पहले लोग आर्थिक नुकसान को लेकर काफी नाराज हैं। संघर्ष के कारण हॉर्मुज जलडमरूमध्य में रुकावट आई, जिससे ऊर्जा की कीमतों में उछाल आया और सामान की ढुलाई महंगी हो गई है।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वार पावर्स रेजोल्यूशन के तहत 60 दिनों की समय सीमा के बाद 1 मई 2026 को आधिकारिक तौर पर इस युद्ध को खत्म कर दिया था। हालांकि, युद्ध के बाद के हालात अब अमेरिका में एक बड़ा घरेलू मुद्दा बन गए हैं।

सीनेटरों द्वारा दिए गए आंकड़ों के मुताबिक इस युद्ध में अब तक अमेरिका के 23 सैनिक मारे गए हैं और 861 घायल हुए हैं। इस पूरे संघर्ष में देश को कम से कम 42 अरब डॉलर का खर्च उठाना पड़ा है।

19 अक्टूबर 2026 को एलिजाबेथ वॉरेन समेत अमेरिकी सीनेटरों के एक समूह ने रक्षा विभाग से इस सैन्य अभियान की कुल लागत को सार्वजनिक करने की मांग की। इन सांसदों ने प्रशासन पर सैन्य हताहतों की संख्या और वित्तीय खर्चों को छिपाने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। स्वतंत्र विश्लेषकों का अनुमान है कि बुनियादी ढांचे को हुए नुकसान की लागत 100 अरब डॉलर तक पहुंच सकती है।

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