ईरान का बड़ा बयान, अंतर्राष्ट्रीय प्रतिबंधों और IAEA की सख्ती के बाद भी हमारी परमाणु ताकत कोई नहीं मिटा सकता

अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने बहुत बड़ा दावा किया है और साफ कर दिया है कि उसकी परमाणु ताकत को कोई भी खत्म नहीं कर सकता है। सरकारी एजेंसी IRNA News Agency के मुताबिक, ईरान ने 8 सितंबर 2026 को यह बात दोहराई है कि उनकी परमाणु क्षमता पूरी तरह से घरेलू ज्ञान और स्थानीय मानव संसाधनों पर आधारित है। वियना में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी यानी IAEA Board of Governors की बैठक में ईरानी अधिकारियों ने कहा कि उनके ठिकानों पर हुए हमलों और वैज्ञानिकों की हत्याओं से भी उनके इस कार्यक्रम को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है।
कड़े प्रतिबंधों का ऐलान और कूटनीतिक तनाव
ईरान के इस रुख के बाद कूटनीतिक तनाव और ज्यादा बढ़ गया है। ब्रिटेन के मिडिल ईस्ट मामलों के मंत्री Stephen Doughty MP ने 8 सितंबर 2026 को ईरान पर नए प्रतिबंध लगाने के लिए नया कानून लाने का ऐलान किया। इस नए कानून के तहत ऊर्जा, सॉफ्टवेयर, धातुओं और सोने के व्यापार पर कड़े प्रतिबंध लगाए गए हैं। इसके अलावा ईरानी जहाजों पर भी रोक लगा दी गई है और ब्रिटेन में ईरानी विमानों के उतरने पर पूरी तरह से बैन लगा दिया गया है। आप इस बारे में अधिक जानकारी आधिकारिक UK Government Statement पर देख सकते हैं। वहीं दूसरी तरफ, अमेरिका ने भी ईरान के एविएशन सेक्टर यानी विमानन क्षेत्र पर नए प्रतिबंध लगा दिए हैं। अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी मिलकर पिछले दो दशकों में पहली बार ईरान के मामले को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भेजने की तैयारी कर रहे हैं।
IAEA की रिपोर्ट और ईरान का जवाब
यह सारा दबाव 7 सितंबर 2026 को आए IAEA के डायरेक्टर जनरल Rafael Grossi की एक रिपोर्ट के बाद शुरू हुआ। उन्होंने गवर्नर बोर्ड को बताया था कि तेहरान ने परमाणु सामग्री के बारे में कोई जानकारी नहीं दी है और पिछले एक साल से वहां जांच टीमों को अंदर जाने से रोका जा रहा है। इन सब मुश्किलों के बावजूद ईरान के पूर्व राजनयिक Mohsen Pakaein ने 7 सितंबर 2026 को बयान दिया कि ईरान अपने बुनियादी ढांचे की पूरी सुरक्षा करेगा और उन्होंने अमेरिका की चेतावनियों को कानूनी रूप से कमजोर बताया। ईरान ने साल 2025 और 2026 के दौरान अपने परमाणु ठिकानों पर हुए हमलों को संयुक्त राष्ट्र के नियमों और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा सिद्धांतों का उल्लंघन बताया है। इन सबके बीच ईरान ने 8 सितंबर 2026 को बड़े पैमाने पर देश में डिसेलिनेशन यानी खारे पानी को मीठा बनाने वाले संयंत्रों का उद्घाटन किया है, जिससे यह पता चलता है कि देश में विकास के काम अभी भी जारी हैं।