ईरान ने अमेरिका को दी चेतावनी, क्षेत्रीय बातचीत के लिए तैयार, जानिए पूरी बात.

Aanya9 September 20263 min read24 viewsWorld
ईरान ने अमेरिका को दी चेतावनी, क्षेत्रीय बातचीत के लिए तैयार, जानिए पूरी बात.

क्षेत्रीय तनाव के बीच नौ सितंबर 2026 को ईरान के विदेश मंत्रालय ने एक बड़ा बयान जारी किया है। मंत्रालय ने कहा कि वह अपने पड़ोसी देशों के साथ बातचीत और सहयोग के लिए पूरी तरह तैयार है। हालांकि इस दौरान अमेरिका के खिलाफ उनका रुख काफी सख्त नजर आया और उन्होंने अमरीकी सैन्य कार्रवाइयों की कड़ी निंदा की है। ईरान का यह कदम ऐसे समय में सामने आया है जब पश्चिम एशिया में लगातार उथल-पुथल मची हुई है और आम लोगों से लेकर प्रवासियों तक के मन में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ रही है।

अमेरिकी हमलों पर ईरान का कड़ा रुख

ईरान के विदेश मंत्रालय ने हाल ही में अमेरिकी सेना द्वारा ईरानी तेल टैंकरों पर किए गए हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का खुला उल्लंघन बताया है। मंत्रालय का कहना है कि यह कार्रवाई क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक सीधा खतरा है। अमेरिकी सेना द्वारा पांच ईरानी तेल टैंकरों को डुबोए जाने के जवाब में ईरान ने अपनी रक्षा का हवाला देते हुए क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इस सैन्य कार्रवाई के दौरान होर्मुज जलडमरूमध्य के पास 10 जहाजों पर हमले की खबरें सामने आईं। इसके अलावा जॉर्डन की वायु रक्षा प्रणाली ने कथित तौर पर उन ईरानी बैलिस्टिक मिसाइलों के एक समूह को हवा में ही रोक लिया जो जॉर्डन में स्थित अमेरिकी बेस को निशाना बनाने के लिए दागी गई थीं।

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कूटनीति और सैन्य ताकत दोनों जरूरी

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने वाशिंगटन की नीतियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका इजराइल के इशारे पर युद्ध लड़ रहा है और आर्थिक दबाव बनाने की उनकी नीति पूरी तरह फेल हो चुकी है। अराघची ने इस बात पर जोर दिया कि क्षेत्रीय शांति बनाए रखने के लिए तेहरान और इस्लामाबाद के बीच लगातार बातचीत होना बहुत जरूरी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान की राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए कूटनीति और सैन्य क्षमता दोनों ही एक-दूसरे के पूरक हथियार हैं।

खाड़ी देशों में सुरक्षा और चेतावनी

ईरान की संसद के राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति委員會 के प्रमुख इब्राहिम अजीज़ी ने फारसी खाड़ी से अमेरिकी सेना को पूरी तरह बाहर जाने की औपचारिक मांग की है। उनका कहना है कि इस क्षेत्र की सुरक्षा की जिम्मेदारी पूरी तरह ईरानी नौसेना के पास है। इसी बीच इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स यानी IRGC ने चाबहार से लेकर ओमान की खाड़ी और अरब सागर के कुछ हिस्सों तक एक समुद्री प्रतिबंधित क्षेत्र बनाने का ऐलान किया है। साथ ही कुवैत और बहरीन के बंदरगाहों पर खड़े टैंकरों को तुरंत वहां से हटाने की चेतावनी भी जारी कर दी गई है।

भू-राजनीतिक तनावों पर बात करते हुए ईरानी विदेश मंत्रालय ने अरब लीग के विदेश मंत्रियों की परिषद के 166वें सत्र के अंतिम बयान को सिरे से खारिज कर दिया। मंत्रालय ने अबू मूसा, ग्रेटर टुनब और लेसर टुनब द्वीपों पर ईरान की संप्रभुता को पूरी तरह अटूट बताया। इसके साथ ही पड़ोसी देशों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने की नीति पर जोर देते हुए क्षेत्रीय साझेदारों से अपील की गई कि वे ऐसे किसी भी विभाजनकारी रुख से दूर रहें जिससे क्षेत्र की शांति भंग होती हो।

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