अमेरिका के प्रतिबंधों पर ईरान का बड़ा बयान, कहा अमरीकी धमकियां सिर्फ बड़ी बातें हैं

26 अगस्त 2026 को आईआरएनए न्यूज एजेंसी ने यह जानकारी दी कि ईरान ने अमेरिकी दबाव को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने यह साफ किया कि नए आर्थिक प्रतिबंधों का कोई असर नहीं पड़ेगा और ईरान बातचीत पसंद करता है लेकिन किसी भी तरह के दबाव के आगे नहीं झुकेगा। इस पूरे मामले को लेकर दुनिया भर में चर्चा तेज हो गई है और आम लोग भी इसके बारे-बारे में जानना चाहते हैं कि आखिर आगे क्या होने वाला है।
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव और प्रतिबंधों का दौर
ईरान के विदेश मंत्रालय ने इन बढ़े हुए प्रतिबंधों को गैरकानूनी करार दिया है। संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघाड़ गालिबाफ ने अमेरिकी चेतावनियों को केवल बड़ी बातें बताया और चीन की तरफ से इन उपायों को खारिज करने के कदम की सराहना की। दूसरी तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस स्थिति को एक बहुत बड़ी जीत बताया और यह भी कहा कि अभी शांति वार्ताओं के लिए कोई तय समय नहीं है। ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने ईरान की आर्थिक नसों को काटने के लिए ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट शुरू करने का ऐलान किया और चेतावनी दी कि जो देश नियमों का पालन नहीं करेंगे उन्हें परिणाम भुगतने होंगे।
हॉर्मूज जलडमरूमध्य की स्थिति और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने संयुक्त राष्ट्र से औपचारिक रूप से यह अनुरोध किया है कि इन अवैध और नाजायज कदमों की निंदा की जाए। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने यह पुष्टि की कि अभी अमेरिका का पूरा ध्यान प्रतिबंधों पर है लेकिन अगर ईरान हमला करता है तो सैन्य विकल्प भी खुले रखे गए हैं। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने एकतरफा प्रतिबंधों का विरोध किया और अपने हितों की रक्षा करने की बात कही। वहीं होर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति को लेकर अभी भी असमंजस बना हुआ है। आईआरजीएसी के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल हुसैन मोहेब्बी ने दावा किया कि यह रास्ता ओमान के साथ संयुक्त नियंत्रण में है और अमेरिका के समझौता मानने पर इसे फिर से खोला जा सकता है। हालांकि ईरानी उप विदेश मंत्री काज़म ग़रीबाबादी ने कहा कि जब तक अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी खत्म नहीं होती तब तक रास्ता बंद रहेगा।