UAE और जॉर्डन पर ईरान का पलटवार, अमेरिकी हमले के बाद गल्फ देशों में बढ़ा तनाव.

Praggya Singh sabal31 August 20263 min read68 viewsUAE
UAE और जॉर्डन पर ईरान का पलटवार, अमेरिकी हमले के बाद गल्फ देशों में बढ़ा तनाव.

अमेरिका द्वारा Lark Island पर किए गए सैन्य हमले के बाद से खाड़ी देशों में तनाव काफी ज्यादा बढ़ गया है। इस हालिया सैन्य कार्रवाई के बाद ईरान के अधिकारियों ने कड़ा रुख अपनाते हुए क्षेत्र से विदेशी ताकतों को पूरी तरह से हटाने की मांग उठाई है। इस घटनाक्रम ने पूरे मिडिल ईस्ट क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं, जिसका असर सामान्य नागरिकों और वहां रहने वाले प्रवासियों पर भी पड़ रहा है।

अमेरिकी हमले के बाद ईरान की कड़ी प्रतिक्रिया

बीते 30 अगस्त 2026 को अमेरिकी सेना यानी US Central Command (CENTCOM) ने Lark Island पर एक बड़ा हमला किया था। अमेरिकी सेना का दावा था कि उस द्वीप पर दो ईरानी रॉकेट लॉन्चर रखे हुए थे जो स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज में नेवल माइंस तैनात करने की तैयारी कर रहे थे। ईरान के सरकारी प्रसारक IRIB और फर्स न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, इस अमेरिकी हमले में कई ईरानी सैन्य कर्मियों और नागरिकों की मौत हुई है और कई लोग घायल भी हुए हैं। जुलाई के आखिर के बाद से यह पहला मौका था जब अमेरिका ने सीधे तौर पर ईरानी बलों को निशाना बनाया था।

GulfHindi की हर खबर सबसे पहलेJoin

विदेशी ताकतों को बाहर करने की मांग

इस हमले के ठीक एक दिन बाद यानी 31 अगस्त 2026 को ईरान के उप विदेश मंत्री Kazem Gharibabadi ने एक बड़ा बयान जारी किया। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि इस क्षेत्र से विदेशियों का दखल पूरी तरह से खत्म होना चाहिए। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि अमेरिका को इस तरह की सैन्य आक्रामकता से सबक लेना चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हो सकें। ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने भी स्पष्ट किया कि उनका देश जंग की शुरुआत नहीं चाहता है, लेकिन वह किसी भी प्रकार की आक्रामकता के सामने चुपचाप नहीं बैठेगा और मुंहतोड़ जवाब देने की पूरी ताकत रखता है। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के एक प्रवक्ता ने इस अमेरिकी हमले को एक बड़ी और घातक भूल करार देते हुए जिम्मेदार लोगों को सजा देने की बात कही है। इसके अलावा, देश के सर्वोच्च नेता Mojtaba Khamenei ने भी अमेरिका और इस्राइल का मिलकर मुकाबला करने के लिए मुस्लिम देशों से एकजुट होने की अपील की है।

जॉर्डन और UAE में जवाबी कार्रवाई और आधिकारिक बयान

अमेरिकी हमले के जवाब में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने उन ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइलों से हमले किए जहां अमेरिकी सेना मौजूद है। जॉर्डन में स्थित Muwaffaq Salti Air Base और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में Al Minhad airbase के पास अमेरिकी संपत्तियों को निशाना बनाया गया। जॉर्डन की सेना ने पुष्टि की कि उन्होंने अपनी सीमा की तरफ आ रही आठ मिसाइलों को हवा में ही रोक लिया था। वहीं दूसरी तरफ, UAE Ministry of Defence ने अल मिन्हाद एयरबेस पर किसी भी तरह के हमले की खबरों को सिरे से खारिज कर दिया और उन दावों को पूरी तरह झूठा बताया। इस पूरे घटनाक्रम के बीच खाड़ी देशों में रह रहे आम लोगों और कामगारों के मन में सुरक्षा को लेकर अनिश्चितता का माहौल बन गया है, हालांकि स्थानीय सरकारें स्थिति पर पूरी तरह से नजर बनाए हुए हैं।

Share:

Comments

Leave a comment