अमेरिका के साथ रिश्ते सुधारने पर बोले ईरान के विदेश मंत्री, कहा- 'दबाव काम नहीं आएगा', रखी बड़ी शर्त.

ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव के बीच एक बड़ी खबर सामने आई है। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने 28 अगस्त 2026 को साफ कर दिया है कि अमेरिका के साथ कूटनीतिक बातचीत तभी आगे बढ़ सकती है जब वाशिंगटन यह मान ले कि दबाव से काम नहीं चलने वाला है। अपने बयान में उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बातचीत फिर से शुरू करने के लिए अमेरिका को भरोसा कायम करना होगा, सम्मान से बात करनी होगी, ईरान के अधिकारों को मानना होगा और अपने वादों को पूरा करना होगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब तेहरान और वाशिंगटन के बीच कतर की मध्यस्थता से अप्रत्यक्ष बातचीत लगातार जारी है ताकि दोनों देशों के रिश्तों में सुधार लाया जा सके।
हॉर्म जलडमरूमध्य में हमलों को रोकने पर बनी सहमति
हाल के दिनों में क्षेत्रीय तनाव में कुछ कमी आने के संकेत मिले हैं। मिली जानकारी के मुताबिक अमेरिका और ईरान दोनों ने Strait of Hormuz में एक-दूसरे पर हमले न करने की सहमति जताई है। इसके अलावा दोनों देशों के प्रतिनिधि 30 अगस्त 2026 को कतर की राजधानी दोहा में मिलने वाले हैं, जहां ईरानी परमाणु कार्यक्रम और जलमार्ग की सुरक्षा को लेकर चर्चा की जाएगी। कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री Sheikh Mohammed bin Abdulrahman Al Thani ने हाल ही में Abbas Araghchi से मुलाकात करके इन वार्ताओं को आगे बढ़ाने में मदद की है। इससे पहले ओमान के विदेश मंत्री Badr al Busaidi ने भी 25 अगस्त 2026 को तेहरान का दौरा किया था।
ईरान की कड़ी चेतावनी और प्रतिबंधों का विरोध
इन तमाम कोशिशों के बावजूद दोनों पक्षों की तरफ से तीखे बयानबाजी का दौर अभी भी जारी है। ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव Mohsen Rezaei ने 27 अगस्त 2026 को चेतावनी दी थी कि अगर अमेरिका ने किसी भी तरह की शरारत की तो ईरान उसके सैन्य और आर्थिक हितों को निशाना बनाएगा। इसके अलावा Abbas Araghchi ने संयुक्त राष्ट्र में भी अपनी बात रखी और कहा कि एकतरफा प्रतिबंधों से हुए नुकसान की अंतरराष्ट्रीय जिम्मेदारी अमेरिका की है। उन्होंने सुरक्षा परिषद से ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए आर्थिक प्रतिबंधों की निंदा करने की अपील की। ईरानी मंत्री ने अमेरिका के नेतृत्व वाले इस आर्थिक युद्ध को अवैध और दादागिरी करार दिया है और कहा है कि उनका देश इन आर्थिक पाबंदियों से डरने वाला नहीं है, हालांकि वे सम्मान और न्याय के साथ इसका समाधान चाहते हैं।